होम / बड़ी ख़बरें / सत्य से जन्मी श्रद्धा ही सम्यक श्रद्धा : राष्ट्र संत मणिभद्र मुनि
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-रतन भवन की धर्मसभा में आध्यात्मिक प्रवचन, प्रतिदिन हो रहा नवकार महामंत्र जाप
दुर्ग। जय आनंद मधुकर रतन भवन, बांदा तालाब दुर्ग में चल रही आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के अंतर्गत धर्मसभा को संबोधित करते हुए मानव मिलन के संस्थापक राष्ट्र संत मणिभद्र मुनि ने कहा कि श्रद्धा का अर्थ उस भावदशा से है, जो सत्य से सृजित हुई है। श्रद्धा का जन्म सत्य के गर्भ से होता है। सत्य से उत्पन्न श्रद्धा अकाट्य, अटूट और अटल होती है, जिसे कोई छीन या विचलित नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि सत्य से उत्पन्न श्रद्धा को भगवान महावीर ने सम्यक श्रद्धा कहा है। सम्यक अर्थात जो सत्य से जन्मी हो और जिसके मूल में सत्य स्थापित हो। इसके विपरीत जो श्रद्धा केवल मान्यता के आधार पर जन्म लेती है, वह मिथ्या श्रद्धा है। उन्होंने कहा कि जिसे जाना नहीं गया और जो जीवन का सत्य नहीं हो सकता, वह केवल मान्यता है। इसलिए मान्यता के गर्भ से निकली श्रद्धा कदम-कदम पर खंडित होती रहती है और ऐसी श्रद्धा हमेशा अपने ढह जाने के भय से भयभीत रहती है।
राष्ट्र संत ने कहा कि संसार के अधिकतर लोग मान्यता से उत्पन्न श्रद्धा को ही जीवन में धारण किए हुए हैं। यही कारण है कि समय-समय पर लोगों की आस्थाएं छोटी-छोटी परिस्थितियों में डगमगा जाती हैं। उन्होंने कहा कि मान्यता से निर्मित श्रद्धा ने मनुष्य को लंबे समय तक भटकाया है। मान्यताएं बदलती रहती हैं और उनके साथ श्रद्धा भी कमजोर होती जाती है। इसलिए मनुष्य को सत्य पर आधारित सम्यक श्रद्धा की ओर बढ़ना चाहिए।
-प्रतिदिन हो रहा नवकार महामंत्र जाप
जय आनंद मधुकर रतन भवन में आध्यात्मिक वातावरण के बीच प्रतिदिन नवकार महामंत्र जाप का अनुष्ठान किया जा रहा है। सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं की सहभागिता से सुंदर लय के साथ लगातार लगभग एक घंटे तक नवकार महामंत्र का जाप किया जा रहा है। इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं। मंगलवार के नवकार महामंत्र जाप के लाभार्थी रमेश कुमार एवं सुरेश कुमार बाघमार परिवार रहे।
-गुरु भक्तों के लिए आवास एवं गौतम प्रसादी की व्यवस्था
देश के विभिन्न शहरों से गुरु दर्शन एवं सेवा-भक्ति के लिए प्रतिदिन गुरु भक्त परिवार दुर्ग पहुंच रहे हैं। संघ द्वारा संचालित भोजशाला में उनके ठहरने एवं भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई है। निर्मल एवं अशोक रतन बोहरा तथा उनकी टीम द्वारा गुरु भक्तों के लिए आवास और भोजन की समुचित व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम की जानकारी वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक श्रमण संघ दुर्ग के प्रचार-प्रसार प्रमुख नवीन संचेती ने दी।
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