-हार से ही खुलता है जीत का रास्ता: राकेश पाण्डेय

भिलाई। छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के निर्देशन में जिला शतरंज संघ दुर्ग द्वारा इस्पात नगरी भिलाई के सेक्टर 6 जैन भवन में आयोजित 'छत्तीसगढ़ स्टेट सब-जूनियर फीडे रेटेड चेस चैंपियनशिप 2026' का भव्य शुभारंभ छत्तीसगढ़ राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय के मुख्य आतिथ्य में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश शतरंज संघ के कोषाध्यक्ष प्रदीप दास ने किया । इस अवसर पर जिला शतरंज संघ दुर्ग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत, इंटरनेशनल आर्बिटर रॉकी देवांगन,मुख्य निर्णायक इंटरनेशनल आर्बिटर अनीस अंसारी, सहायक निर्णायक इंटरनेशनल आर्बिटर शुभम बसोंने, फिडे आर्बिटर अनिल शर्मा विशेष रूप से मंचासिन थे।
जिला शतरंज संघ दुर्ग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत सचिव तुलसी सोनी ने स्पर्धा संबंधी जानकारी देते हुए बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के 19 जिलों के 142 शतरंज प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। स्पर्धा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 4 बालक एवं 4 बालिकाओं का चयन राष्ट्रीय सब जूनियर शतरंज चैंपियनशिप के लिए किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राकेश पाण्डेय ने शतरंज की चाल चलकर चैम्पियनशिप का शुभारंभ कर खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल में हार और जीत एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। खिलाड़ी को हार से हताश होने के बजाय अपनी कमियों से सीखना चाहिए, क्योंकि वही सीख भविष्य में बड़ी जीत का आधार बनती है।
उन्होंने इंडियन आइडल के फाइनलिस्ट तनिष्क शुक्ला की प्रेरक कहानी साझा करते हुए बताया कि जब तनिष्क मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) के दौर से गुजर रहे थे, तब चेस ने ही उन्हें इस तनाव से मुक्ति दिलाई। शतरंज ने उनकी एकाग्रता लौटाई और मानसिक ऊर्जा दी, जिसके बल पर वे संगीत के राष्ट्रीय मंच इंडियन आइडल पर शीर्ष तक पहुँचे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए प्रदेश भर से आए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदीप दास (कोषाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ) ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बाल खिलाड़ियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेर सारी शुभकामनाएँ और आशीर्वाद दिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शतरंज जैसे बौद्धिक खेल से बच्चों का मानसिक विकास तेजी से होता है और संघ सदैव प्रदेश की चेस प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर रहेगा।

-लोरमी के चेस प्लेयर अंशुल शर्मा का विशेष सम्मान ...
समारोह के दौरान लोरमी के प्रतिभावान खिलाड़ी अंशुल शर्मा को 10वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान हासिल करने के लिए मुख्य अतिथि राकेश पाण्डेय एवं मंचासीन अतिथियों द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अतिथियों ने उनकी इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि अंशुल ने साबित किया है कि सही समय प्रबंधन और एकाग्रता से खेल और पढ़ाई दोनों में ही सर्वोच्च शिखर छुआ जा सकता है।
प्रतियोगिता का संचालन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जा रहा है जिसमें देश के जाने-माने आर्बिटर्स अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
इन्टरनेशनल आर्बिटर: रॉकी देवांगन, मुख्य आर्बिटर: अनीश अंसारी (इन्टरनेशनल आर्बिटर) उप-मुख्य आर्बिटर: शुभम बसोने (इन्टरनेशनल आर्बिटर) यह आयोजन प्रदेश के युवा शतरंज खिलाड़ियों के बौद्धिक विकास और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दिशा में बेहद सफल साबित होगा।
अतिथियों का स्वागत फिडे आर्बिटर सुरेश होता, ममता देवांगन,ओमप्रकाश बंदे, दिव्यांशु उपाध्याय, एवं सुरेन्द्र बल्लेवार ने पुष्प गुच्छ देकर किया। स्पर्धा 8 चक्रों में खेली जाएगी। कार्यक्रम का संचालन जिला शतरंज संघ दुर्ग के सचिव तुलसी सोनी एवं आभार प्रदर्शन संघ के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत ने किया।
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