होम / दुर्ग-भिलाई / अवैध उर्वरक-कीटनाशक निर्माण पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, दो गोदाम सील, भारी मात्रा में सामग्री जब्त
दुर्ग-भिलाई

दुर्ग। खरीफ सीजन 2026 में किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम चिंगरी (अंडा) स्थित दो गोदामों को सील कर दिया। जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने बिना लाइसेंस अवैध रूप से उर्वरक एवं कीटनाशक का भंडारण, निर्माण और मिश्रण तैयार किए जाने का खुलासा किया है। मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में कृषि विभाग की टीम ने सूचना के आधार पर चंद्राकर किराना स्टोर्स परिसर स्थित गोदाम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान गोदाम बंद मिला। किरायेदार वरुण त्रिपाठी को मौके पर बुलाया गया, लेकिन उनके सहयोग नहीं करने पर मकान मालिक, पंचों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर ताला खुलवाया गया।
निरीक्षण में गोदाम के भीतर जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण के लिए कच्चा माल, तैयार उत्पाद तथा पैकिंग सामग्री बड़ी मात्रा में मिली। टीम ने नेपच्यून प्रोटेक्टर, कृषि कवच, सोम पैंथर-95, त्रिकाल गोल्ड, गंधर्व शक्ति जॉकी, काला वैम, सुपर ग्रेड ह्यूमेड सहित सैकड़ों लीटर व किलोग्राम सामग्री, रॉ मटेरियल से भरी 67 बोरियां, पांच ड्रम, पैकिंग मशीन, सिलाई मशीन और तौल मशीन जब्त की। इसके अलावा वरुणास्त्र-77 कीटनाशक की 59 लीटर मात्रा भी जब्त की गई।
जांच में बिना वैध लाइसेंस के व्यवसाय, निर्धारित रिकॉर्ड का संधारण नहीं करना, कैश-क्रेडिट मेमो जारी नहीं करना, बिना अनुमति उर्वरक मिश्रण तैयार करना तथा अमानक उर्वरक निर्माण सहित उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985, आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 और कीटनाशक अधिनियम-1968 के कई प्रावधानों के उल्लंघन पाए गए। इसके आधार पर दोनों गोदामों को सील कर संबंधित के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
उप संचालक कृषि संदीप भाई ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले, खाद की कालाबाजारी करने वाले तथा बिना वैध दस्तावेज अमानक उर्वरक एवं कीटनाशक बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जाएंगे तथा कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं और समितियों को निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। किसानों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अधिक कीमत वसूली जाए या उर्वरक वितरण में किसी प्रकार की अनियमितता दिखाई दे, तो इसकी शिकायत तत्काल निकटतम कृषि विभाग कार्यालय में करें। खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर विभाग लगातार निगरानी रखे हुए है।
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