दुर्ग

गरीबों के आशियाने पर संकट, ढाल बनकर डटे वोरा; कलेक्टर-आयुक्त से की टेलीफोन पर दो टूक चर्चा

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दुर्ग। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत निर्मित गैलेक्सी हाइट्स आवासीय परिसर में उस समय तनाव की स्थिति निर्मित हो गई जब 252 आवासों में से लगभग 24 आवासों को खाली कराने के लिए पुलिस बल पहुंचने की सूचना सामने आई। कार्रवाई की खबर फैलते ही रहवासियों में भय और चिंता का माहौल बन गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने दुर्ग के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण वोरा को मौके पर बुलाया।
सूचना मिलते ही अरुण वोरा अपने सहयोगियों के साथ गैलेक्सी हाइट्स पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान रहवासियों ने बताया कि वे वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय बेदखली की कार्रवाई की जा रही है।
रहवासियों ने आरोप लगाया कि पूरी कॉलोनी में पेयजल की गंभीर समस्या है। एकमात्र जल स्रोत के भरोसे सैकड़ों परिवार निर्भर हैं। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, नियमित सफाई व्यवस्था नहीं है तथा सफाई कर्मचारी महीने में केवल एक-दो बार ही पहुंचते हैं। कॉलोनी में हैंडपंप तक की व्यवस्था नहीं है। लोगों का कहना है कि दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण कई लोग पीलिया जैसी बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं तथा कुछ लोगों की मृत्यु होने की बात भी सामने आई है।
महिलाओं ने अरुण वोरा के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि यहां रहने वाले अधिकांश परिवार मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि “हम दिनभर मेहनत-मजदूरी करके घर चलाते हैं। सरकार को हमारी स्थिति के बारे में भी सोचना चाहिए। इतनी भीषण गर्मी में हम कहां जाएंगे? अब बारिश का मौसम भी सामने है। यदि हमें घरों से बेदखल कर दिया गया तो हमारे परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।”
रहवासियों की पीड़ा सुनने के बाद अरुण वोरा ने मौके से ही कलेक्टर और आयुक्त से टेलीफोन पर चर्चा करते हुए मामले में संवेदनशीलता बरतने की मांग की। उन्होंने कहा कि—“गैलेक्सी हाइट्स में रह रहे परिवार पहले से ही अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पेयजल, सफाई, बिजली और जलभराव जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान आज तक नहीं हो पाया है। ऐसे में अचानक बेदखली की कार्रवाई उचित नहीं है। प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित परिवारों को पर्याप्त समय देना चाहिए,इन परिवारों द्वारा आवासों का भुगतान किया जा रहा है और शेष बकाया राशि का भुगतान भी वे कर देंगे।।सरकार की योजनाओं का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है, इसलिए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी पात्र परिवार के साथ अन्याय न हो। प्रशासन को समाधान निकालना चाहिए, दमनात्मक कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।मैं संबंधित अधिकारियों और आयुक्त से अपील करता हूं कि मामले का समाधान बातचीत और सहमति के माध्यम से निकाला जाए।”
उन्होंने नगर निगम के स्थानीय प्रशासन विभाग की सचिव एस. संगीता से भी चर्चा कर निवासियों को राहत देने और लंबित मामलों के निराकरण तक बेदखली की कार्रवाई रोकने का आग्रह किया।
इस दौरान पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा, फतेह सिंह भाटिया एवं राजकुमार पाली भी उपस्थित थे। पूर्व महापौर आर.एन. वर्मा ने कहा कि प्रभावित परिवारों को निश्चित रूप से समय मिलना चाहिए ताकि वे अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकें। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को व्यावहारिक और मानवीय निर्णय लेना चाहिए।

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