छत्तीसगढ़

ग्रीष्म काल में स्वच्छ और नियमित पेयजल पहुंचाने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सतर्क

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-दूरस्थ गांवों तक निर्बाध पेयजल पहुंचाने जुटी पीएचई की टीमें
-तकनीकी कर्मचारियों और हैंडपंप मैकेनिकों को खराब हैंडपंपों, पाइपलाइन संबंधी समस्याओं व पेयजल व्यवस्था में आने वाली बाधाओं के तत्काल निराकरण के निर्देश
रायपुर
। भीषण गर्मी, उमस और लगातार बढ़ते जल संकट के बीच लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल व्यवस्था बनाए रखने पूरी प्रतिबद्धता के साथ मैदान में डटी हुई है। ग्रीष्म काल में ग्रामीणों तक स्वच्छ और नियमित पेयजल पहुंचाने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम सतर्कता से काम कर रही है। वनांचलों और दूरस्थ गांवों तक निर्बाध पेयजल पहुंचाने विभाग तत्परता से काम कर रहा है। राज्य शासन ने विभाग के सभी तकनीकी कर्मचारियों और हैंडपंप मैकेनिकों को खराब हैंडपंपों, पाइपलाइन संबंधी समस्याओं एवं पेयजल व्यवस्था में आने वाली बाधाओं के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए हैं।
उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर विभागीय अधिकारी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर पेयजल योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। विभाग की टीम भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद ग्रामीणों को पानी की समस्या से राहत दिलाने दिन-रात काम कर रही है। विभाग द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। ग्रीष्म काल में भी हर घर तक स्वच्छ, सुरक्षित और नियमित पेयजल की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभागीय टीमें सक्रियता से काम कर रही हैं।
विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं के नियमित संचालन के साथ-साथ ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। लोगों से आवश्यकता न होने पर नल की टोटी बंद रखने, पानी का दुरुपयोग रोकने और जल बचाने की अपील की जा रही है। विभाग द्वारा यह संदेश भी दिया जा रहा है कि पानी केवल आज की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य संसाधन है, इसलिए इसका संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम भ्रमण के दौरान ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों के सदस्यों के साथ बैठक कर योजनाओं के सतत संचालन में जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है। ग्रामीणों को जल कर के संग्रहण के महत्व से अवगत कराया जा रहा है, ताकि योजनाओं का रखरखाव एवं संचालन लंबे समय तक निर्बाध रूप से जारी रखा जा सके। विभाग द्वारा प्रत्येक घर के नल कनेक्शन के पास सोख्ता गड्ढा के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण के साथ स्वच्छता भी सुनिश्चित हो सके।

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