-रोजगार, जल संरक्षण और मत्स्य उत्पादन का नया आधार बना नवा तरिया निर्माण
दुर्ग। जिले में ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत नवा तरिया निर्माण कार्यों ने गति पकड़ ली है। इन कार्यों से जहां ग्रामीण श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मिल रहा है, वहीं पंचायतों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो रहा है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में नवा तरिया निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है।
गर्मी के मौसम में जल संकट और भू-जल स्तर में गिरावट को देखते हुए ग्राम पंचायत बोड़ेगांव में नरवा के समीप समुदाय के लिए जल संचयन तालाब अर्थात नवा तरिया निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। लगभग 19 लाख 29 हजार रुपए की लागत से बन रहे इस तालाब के पूर्ण होने पर करीब 5500 घनमीटर जलभराव क्षमता विकसित होगी। कार्य के माध्यम से लगभग 6200 मानव दिवस सृजित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके विरुद्ध अब तक लगभग 500 मानव दिवस अकुशल श्रम सृजित किया जा चुका है। सीईओ बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि जिले में संचालित नवा तरिया निर्माण कार्य मनरेगा योजना के उद्देश्यों को सार्थक करते हुए रोजगार सृजन, जल संरक्षण और ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। आने वाले समय में इन तरियों के पूर्ण निर्माण से गांवों में जल उपलब्धता और पर्यावरणीय संतुलन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
ग्राम पंचायत की सरपंच पप्पी भूपेंद्र टंडन एवं उपसरपंच रविप्रकाश ताम्रकार ने बताया कि वरिष्ठ ग्रामीणों की सहमति से स्थल चयन कर भूमिपूजन के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। ग्रामीणों का प्रयास है कि बारिश से पहले तालाब निर्माण पूर्ण कर लिया जाए ताकि वर्षा जल का अधिकतम संग्रहण हो सके।
मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत राशि में से लगभग 16 लाख 29 हजार रुपए श्रममूलक मद में व्यय किए जाएंगे। ग्राम पंचायत बोड़ेगांव, जनपद पंचायत दुर्ग को निर्माण एजेंसी बनाया गया है। तालाब निर्माण पूर्ण होने के बाद लगभग 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बहुफसलीय सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम अधिकारी गौरव मिश्रा ने बताया कि महिलाओं की भागीदारी और आजीविका संवर्धन को ध्यान में रखते हुए तालाब को पूर्ण होने के बाद स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को हस्तांतरित किया जाएगा। तालाब में आने वाले वर्षों में लगभग 10 से 15 क्विंटल तक मत्स्य उत्पादन की संभावना है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।
मनरेगा के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध होने से पलायन में कमी आई है और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। बड़ी संख्या में महिला श्रमिक भी नवा तरिया निर्माण कार्यों में सहभागिता निभा रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन मिल रहा है।
निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कार्यस्थलों पर पेयजल, मेडिकल किट, छांव सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नवा तरिया निर्माण का पर्यावरणीय महत्व भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्षा जल संरक्षण से भू-जल स्तर में सुधार होगा, खेतों में नमी बनी रहेगी तथा हरित क्षेत्र और जैव विविधता को भी लाभ मिलेगा।
जिला पंचायत द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा की लगातार निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पारदर्शिता के साथ पूर्ण किए जाएं तथा मजदूरी भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित हो।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.