दुर्ग। दुर्ग विद्युत रीजन (दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिले) के उपभोक्ता अब अपने घर की छत पर सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं और अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत दुर्ग रीजन में 06 हजार से अधिक उपभोक्ताओं का बिजली बिल अब शून्य आ रहा है, जबकि हजारों उपभोक्ता हर महीने आने वाली भारी-भरकम बिल से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैैं। रीजन में अब तक 24,657 उपभोक्ताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें से 19,422 उपभोक्ताओं ने वेंडर का चयन कर लिया है। क्षेत्र में कुल 9,715 उपभोक्ताओं के घरों में लगभग 35.819 मेगावॉट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं।
सीएसपीडीसीएल दुर्ग क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक संजय खंडेलवाल ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि सरकार आपको उपभोक्ता से ऊर्जादाता बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। 01 किलोवॉट का प्लांट प्रतिमाह 130 से 140 यूनिट बिजली उत्पादित करता है, जिस पर ₹45,000 तक की कुल सब्सिडी मिलती है। योजना के अंतर्गत 02 किलोवॉट के प्लांट से प्रतिमाह अधिकतम 260 से 280 यूनिट उत्पादन होता है, जिस पर ₹90,000 तक की कुल सब्सिडी मिलती है। वहीं, 03 किलोवॉट क्षमता के प्लांट से प्रतिमाह लगभग 390 से 420 यूनिट बिजली बनती है, जिसमें ₹1,08,000 की सब्सिडी मिलती है। लागत की लगभग 60 प्रतिशत राशि सरकार स्वयं वहन कर रही है, शेष 40 प्रतिशत राशि के लिए बेहद कम ब्याज दर पर आसान बैंक लोन भी उपलब्ध है।
अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगाना कोई खर्च नहीं, बल्कि भविष्य का सबसे समझदारी भरा निवेश है। सोलर लगाने के बाद उपभोक्ता का बिजली बिल या ता नाममात्र का रह जाएगा, या फिर अतिरिक्त उत्पादन होने पर बिल्कुल शून्य हो जाएगा। सोलर पैनल लगवाने के लिए चाहे उपभोक्ता सब्सिडी के बाद की षेश राषि लोन लें या स्वयं राशि लगाएं, हर महीने बिजली बिल में होने वाली भरी बचत से ही मात्र 03-04 वर्शों में पूरी लागत वसूल हो जाएगी। इसके बाद उपभोक्ता जीवनभर मुफ्त बिजली का आनंद ले सकेंगे।
इस योजना का लाभ उठाने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल पोर्टल (www.pmsuryaghar.gov.in) लॉन्च किया है, जहां उपभोक्ता घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद बिजली कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंचकर सत्यापन करेंगे और प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। पोर्टल पर कई अधिकृत वेंडर पंजीकृत हैं, जिनमें से उपभोक्ता अपनी सुविधानुसार चयन कर सकते हैं। कार्यपालक निदेशक ने उपभोक्ताओं को फर्जी वेंडरों से सावधान रहने की अपील की है। साथ ही, कड़ी चेतावनी दी गई है कि जो वेंडर अनुबंध के तीन महीने बाद भी सोलर पैनल नहीं लगाएंगे उनके खिलाफ रजिस्ट्रेशन रद्द करने की सिफारिश की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा मई महीने को मंथ ऑफ सोलर (सौर माह) के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत देश में सबसे अधिक आवेदन प्राप्त करने या सोलर पैनल लगाने वाले राज्यों को पुरस्कृत किया जाएगा। अतः उपभोक्ताओं से अपील है कि छत्तीसगढ़ को देश में अव्वल और पुरस्कृत राज्य बनाने में अपना योगदान दें। यह निवेश ना केवल आज आपके पैसों की बचत करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ी के भविष्य को भी सुरक्षित करेगा। योजना का लाभ ले रहे उपभोक्ताओं को विभाग ने सलाह दी है कि यदि कभी भरपूर धूप के बावजूद बिजली उत्पादन कम लगे, तो बस समय-समय पर सावधानीपूर्वक पानी से धोकर सोलर पैनलों की सफाई कर लें, ताकि आपका सोलर पैनल हमेषा पूरी क्षमता से कार्य करता रहे।
कार्यपालक निदेशक संजय खण्डेलवाल ने रेखांकित किया कि सरकार की मंशा है कि उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत पाने के लिए किसी शासकीय योजना पर आश्रित न रहना पड़े, बल्कि वे स्वयं अपनी छत पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाकर ऊर्जादाता बनें। जब आपके घर की छत पर आपका अपना सोलर प्लांट होगा और नेट मीटरिंग के जरिए बची हुई बिजली का पैसा सीधे मार्च के अंत में आपके खाते में आएगा या बिल में एडजस्ट होगा, तब सही मायनों में उपभोक्ता विद्युत के लिए आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान सिर्फ बिजली बिल को कम करने का माध्यम नहीं है, बल्कि ग्लोबल वार्मिंग के खिलाफ देष को हरित और स्वच्छ ऊर्जा की ओर ले जाने की एक महत्वपूर्ण जन-भागीदारी है।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.