साजा। साजा अनुभाग मुख्यालय एवं तहसील कार्यालय में लंबे समय से चली आ रही बुनियादी समस्याएं अब गंभीर रूप ले चुकी हैं। क्षेत्र से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग अपने शासकीय कार्यों, न्यायिक प्रक्रियाओं और अन्य आवश्यक कामों के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इसी समस्या को लेकर अधिवक्ता संघ साजा का प्रतिनिधिमंडल, संघ अध्यक्ष मूलचंद शर्मा के नेतृत्व में अनुभागीय कार्यपालिक दंडाधिकारी श्रीमती पिंकी मनहर से उनके कार्यालय में मिला और इन व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह केवल सुविधा का नहीं बल्कि आम नागरिकों के अधिकार और गरिमा का प्रश्न बन चुका है।
भीषण गर्मी में पेयजल संकट से जूझ रहे पक्षकार और आमजन ..
प्रतिनिधिमंडल ने सबसे प्रमुख समस्या के रूप में शुद्ध पेयजल की अनुपलब्धता का मुद्दा उठाया। अधिवक्ताओं ने बताया कि साजा मुख्यालय में दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग अपने कार्यों के लिए आते हैं, जिन्हें घंटों तक कार्यालय परिसर में रुकना पड़ता है। लेकिन वहां पीने के लिए स्वच्छ पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे लोगों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर भीषण गर्मी के इस समय में यह समस्या और अधिक गंभीर हो गई है, जहां लोगों को प्यास बुझाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कई बार बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी इस असुविधा का शिकार होते हैं, जिससे उनकी स्थिति और भी दयनीय हो जाती है।
महिला सुविधाओं का अभाव, गरिमा और सुरक्षा पर उठ रहे सवाल ..
अधिवक्ता संघ ने महिला पक्षकारों के लिए उचित शौचालय व्यवस्था न होने की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि तहसील कार्यालय में आने वाली महिलाओं को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि उनके लिए सुरक्षित और स्वच्छ शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। कई बार महिलाओं को मजबूरी में कार्यालय परिसर के बाहर जाना पड़ता है, जो न केवल असुविधाजनक है बल्कि उनकी सुरक्षा और गरिमा के लिए भी खतरा उत्पन्न करता है। यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर कमी को दर्शाती है और तत्काल सुधार की मांग करती है।

प्रशासन का आश्वासन- तीन दिनों में पेयजल व्यवस्था होगी दुरुस्त ..
अधिवक्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए अनुभागीय कार्यपालिक दंडाधिकारी श्रीमती पिंकी मनहर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इन सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तीन दिनों के भीतर शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने महिला शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए भी आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया, ताकि आने वाले समय में किसी भी पक्षकार या आम नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े।
अधिवक्ता संघ के प्रमुख सदस्य रहे उपस्थित ..
इस दौरान अधिवक्ता संघ साजा के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर इस मुद्दे को प्रशासन के सामने मजबूती से रखा। प्रतिनिधिमंडल में संघ अध्यक्ष मूलचंद शर्मा के साथ गोकुल राजपूत, विनोद शर्मा, मनोज कुमार वर्मा, चंद्र प्रकाश कन्नौजे, भोला सिंह और के.के. वैष्णव सहित अन्य अधिवक्ता शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह मुद्दा केवल अधिवक्ताओं का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
अब कार्रवाई पर टिकी निगाहें, समाधान का इंतजार ..
अधिवक्ता संघ की इस पहल के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान होता है, तो यह आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित होगा। वहीं, यदि आश्वासन के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रहती है, तो इससे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होंगे और आंदोलन की संभावना भी बढ़ सकती है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन अपने वादों पर कितना खरा उतरता है और साजा मुख्यालय की इन बुनियादी समस्याओं को कब तक दूर किया जाता है।
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