
दुर्ग। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, आनंद सरोवर बघेरा में कार्यालय संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं संयुक्त पंजीयन सहकारी संस्थाएं, दुर्ग संभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आध्यात्मिक सशक्तिकरण के माध्यम से नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना तथा सहकारिता के लक्ष्यों को और प्रभावी बनाना रहा।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा “सर्व के सहयोग से सुखमय संसार” की भावना को केंद्र में रखते हुए आध्यात्मिक जागरूकता पर विशेष बल दिया गया। संस्था पिछले लगभग 90 वर्षों से समाज में आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार हेतु कार्यरत है।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी रीटा दीदी (संचालिका, दुर्ग) ने कहा कि आध्यात्मिक सशक्तिकरण के लिए आत्मिक जागृति आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति स्वयं को केवल शरीर मानकर जीवन जीता है, तब तनाव और चिंता उत्पन्न होती है, जबकि आत्मा स्वरूप की स्मृति में रहने से शांति, प्रेम और आनंद की अनुभूति सहज हो जाती है। उन्होंने राजयोग को परमात्मा से जुड़ने का माध्यम बताते हुए इसे जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
संयुक्त आयुक्त सहकारिता एवं संयुक्त पंजीयन सहकारी संस्थाएं, दुर्ग संभाग मुकेश कुमार ध्रुव ने कहा कि दैनिक जीवन और कार्यस्थल पर उत्पन्न तनाव को दूर करने में ब्रह्माकुमारी संस्था द्वारा बताए गए आध्यात्मिक उपाय अत्यंत उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से कार्यक्षमता में वृद्धि होती है और मानसिक संतुलन बना रहता है। आयोजन के लिए उन्होंने संस्था के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी चैतन्य प्रभा बहन ने कहा कि शांति, खुशी और आनंद बाहरी परिस्थितियों में नहीं, बल्कि हमारे भीतर ही विद्यमान हैं। सकारात्मक संकल्प जैसे “मैं शांत हूं, मैं खुश हूं, मैं शक्तिशाली हूं” अपनाने से मन स्थिर और हल्का बना रहता है।
इस अवसर पर युगल कुमार मिश्रा (अंकेक्षण अधिकारी, सहकारी संस्थाएं, दुर्ग संभाग) सहित बड़ी संख्या में सहकारिता विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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