बालोद। बालोद जिले के पाकुरभाट में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने इंसानियत की मिशाल पेश की। जहां घर से बिछड़ी एक युवती को पनाह देते हुए घंटों तक अपने पास रखा और फिर पुलिस को सूचना देते हुए युवती को सुरक्षित उनकी बहन के घर पहुंचाया।
दरअसल पूर्णिमा नाम की एक युवती घर से बिछड़कर पाकुरभाट गांव आ गई थी। जिसे देख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता त्रिवेणी महिलांग उसे अपने घर लाई। जहां उस युवती को बिठाकर भोजन कराया और फिर इसकी जानकारी प्रशासन और पुलिस को दी। इधर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने महिला बाल विकास की टीम को मौके के लिए रवाना किया तो वहीं बालोद थाने की टीम भी मौके पर पहुंची। जहां युवती को सुरक्षित कोतवाली थाना लाया गया। जहां युवती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि उनकी तीन बहने है जिसमें से एक बहन शादी होकर लिमोरा गांव गई हुई है। थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने तत्काल लिमोरा गांव में संपर्क किया और फिर उस युवती को सुरक्षित उनकी बहन के पास छोड़ा गया।
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