-बस्तर की संस्कृति और परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी

रायपुर। आदिवासी खिलाड़ियों को समर्पित इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य बन गया है, जो भारत की खेल यात्रा में आदिवासी सशक्तिकरण और जमीनी स्तर पर भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तहत बस्तर संभागीय मुख्यालय जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में एथलेटिक्स की प्रतियोगिताओं का आयोजन 30 मार्च से 2 अप्रैल तक किया जाएगा।
खेलो इंडिया ट्रायबल गेम्स के अंतर्गत बस्तर जिले में आयोजित होने वाली एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए केरल राज्य की टीम आज जगदलपुर पहुंची। रेलवे स्टेशन पर खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत किया गया। बस्तर के हृदय स्थल जगदलपुर में आगामी 30 मार्च से 2अप्रैल तक आयोजित होने वाले चार दिवसीय नेशनल ट्राइबल गेम्स का उत्साह अब धरातल पर दिखने लगा है। इस राष्ट्रीय खेल महाकुंभ में अपनी चुनौती पेश करने के लिए देश के कोने-कोने से खिलाड़ियों का आगमन शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में केरल राज्य से 17 सदस्यीय एक दल किरंदुल पैसेंजर के माध्यम से जगदलपुर रेलवे स्टेशन पहुँचा।
इस अवसर पर स्थानीय नर्तक दल ने पारंपरिक लोकनृत्य प्रस्तुत कर मेहमान खिलाड़ियों का अभिनंदन किया, जिससे बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। गौर नृत्य समूह के नर्तकों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में ढोल की थाप और ऊर्जावान नृत्य से ऐसा समां बांधा कि लंबी दूरी तय कर आए खिलाड़ी अपनी थकान भूल गए
खेल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रतियोगिता की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, 30 मार्च से शुरू होने वाले इस आयोजन के लिए प्रशासन ने विभिन्न राज्यों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस आयोजन के माध्यम से न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिलेगा, बल्कि बस्तर की संस्कृति और परंपरा को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
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