सतनाम भवन कसारीडीह में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का हुआ आयोजन

दुर्ग। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सतनाम भवन कसारीडीह में महिला दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास समिति की प्रभारी श्रीमती शशि साहू उपस्थित रहीं।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने प्रदेश की सभी महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से ही महिलाओं को विशेष सम्मान दिया जाता रहा है। हमारी सनातन परंपरा में भी भगवानों के साथ माता का नाम पहले लिया जाता है, जो समाज में नारी के महत्व को दर्शाता है।मंत्री श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी कड़ी में महतारी वंदन योजना के तहत जिले की लगभग 52 हजार महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि आज मुख्यमंत्री बस्तर जिले से इस योजना की राशि का अंतरण करेंगे, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है।

उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि यह योजना बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है। इस योजना के तहत बच्चियों के नाम से बैंक खाता खोला जाता है, जिसमें नियमित बचत की जाती है। जब बच्ची 18 वर्ष की आयु पूर्ण करती है, तब उसे इस बचत का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इस योजना के तहत 0 से 5 वर्ष तक की बच्चियों के नाम से खाता खोलकर उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।

मंत्री श्री यादव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा नारी दुर्गावती योजना भी प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत बेटियों को उनके जन्म के समय ही जोड़ा जाएगा और 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उन्हें डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे उनके भविष्य को मजबूत आधार मिल सके। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपये की राशि सीधे जमा की जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में 26 लाख से अधिक आवासों का निर्माण किया जा चुका है, जिससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को पक्का घर मिल सका है। मंत्री श्री यादव ने कहा कि महिलाओं और बेटियों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी संचालन, बच्चों की देखभाल और परिवार तथा समाज के विकास में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने सभी महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज सरकार द्वारा महिलाओं के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ लेकर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। महापौर ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। परिवार के स्वास्थ्य और देखभाल में महिलाओं की भूमिका अत्यंत अहम होती है। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की सेहत की मजबूत आधारशिला हैं। महिलाएं परिवार की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं और उनके सशक्त होने से ही समाज और राष्ट्र का समग्र विकास संभव है।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कहा कि महिलाओं की भूमिका हर क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज, संस्कृति और परंपरा में महिलाओं को सदैव सम्मान दिया गया है, जो दुनिया के कई अन्य देशों में देखने को नहीं मिलता। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि भारत उन देशों में शामिल है जहां महिलाओं को लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ मतदान का अधिकार भी मिला है। उन्होंने बताया कि आजादी के समय देश में साक्षरता दर काफी कम थी, लेकिन आज शिक्षा के प्रसार के साथ साक्षरता कई गुना बढ़ चुकी है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।
महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार और राज्य सरकार दोनों ही महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही हैं। सरकार का प्रयास है कि समाज की हर महिला चाहे वह छोटी बच्ची हो, युवा महिला हो या वृद्ध महिला सभी को योजनाओं का लाभ मिले और वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस दौरान उन्होंने एक श्लोक कहा-“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवताः” जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का वास होता है।
इस दौरान महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सरकारी योजनाओं से उन्हें आत्मनिर्भर बनने और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायता मिली है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया गया और विभिन्न महिला स्व सहायता समूहों को चेक भी वितरित किए गए। इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी आर.के. जाम्बुलकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय साहू सहित विभागीय अधिकारी, पार्षद व जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.