होम / दुर्ग-भिलाई / भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ कॉमर्स का निगम आयुक्त से मुलाकात, लीज भूखंडों के नियमितीकरण पर की मांग
दुर्ग-भिलाई
भिलाई। भिलाई स्टील सिटी चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के प्रतिनिधिमंडल ने नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त से मुलाकात कर भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा प्रस्तुत आपत्ति दिनांक 17.09.2025 तथा लिखित अभिवचन दिनांक 20.11.2025 के संबंध में विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि छत्तीसगढ़ राजपत्र, आवास एवं पर्यावरण विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ-07-18/2015/32 दिनांक 28.07.2016 के अनुसार, छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के अंतर्गत निर्मित छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के नियम 21 के उपनियम (3) खंड (ख) में भवन अनुज्ञा हेतु प्रभार्य शुल्क की गणना का स्पष्ट प्रावधान है, जिसे उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश के बाद विधि मान्यता प्राप्त हो चुकी है।
चैंबर अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने आयुक्त को सौंपे गए पत्र में उल्लेख किया कि भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा लीज पद्धति पर प्रदान किए गए भूखंडों के संबंध में रिट याचिका डब्ल्यूपी 1394/1994 में यह अभिवचन प्रस्तुत किया गया है कि लीज पर दिए गए भूखंडों पर निर्मित भवनों से भिलाई इस्पात संयंत्र का प्रत्यक्ष संबंध नहीं है, क्योंकि इन भवनों का निर्माण संयंत्र द्वारा नहीं बल्कि संबंधित लीजधारक/लाइसेंसधारी दुकानदारों द्वारा किया गया है। अतः भवन अनुज्ञा लेने की जिम्मेदारी भी संबंधित लीजधारकों की ही है।
जैन ने कहा कि जब भिलाई इस्पात संयंत्र स्वयं उच्च न्यायालय में यह स्पष्ट कर चुका है, तो ऐसी स्थिति में नगर पालिक निगम भिलाई को लीजधारकों की दुकानों के नियमितीकरण की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से प्रारंभ करनी चाहिए तथा नेशनल बिल्डिंग कोड के प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई करनी चाहिए। दस्तावेजों के अनुसार लगभग 4500 से अधिक भूखंडों पर आवासीय तथा लगभग 1500 दुकानों को सह-आवास की अनुमति देकर लीज पद्धति पर आवंटित किया गया है। विधि सम्मत रूप से लीज पर प्रदान भूखंड पर भवन निर्माण का दायित्व लीजधारक का ही होता है।
उल्लेखनीय है कि नगर पालिक निगम भिलाई की सामान्य सभा की बैठक दिनांक 13.11.2025 में क्रमांक 5-डी में संकल्प पारित किया गया है कि भिलाई इस्पात संयंत्र क्षेत्र में लीज पर दिए गए आवास एवं दुकानों में लीजधारक द्वारा किए गए निर्माण अथवा अतिरिक्त निर्माण को आवेदन प्राप्त होने पर विधि सम्मत जांच कर निर्धारित शुल्क लेकर नियमित किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त से विषय पर गंभीरता पूर्वक विचार कर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया।
इस अवसर पर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के अध्यक्ष सुरेश रत्नानी ने नेहरू नगर से सूर्या मॉल जाने वाले मार्ग पर हो रही दुर्घटनाओं की ओर ध्यान आकर्षित कराया। आयुक्त ने इस पर तत्काल संज्ञान लेने का आश्वासन दिया।
वहीं आमदी सेक्टर एवं हुडको क्षेत्र के दुकानदारों ने टेंडर बेस दुकानों से जुड़ी समस्याएं रखते हुए घर-घर खुल रही दुकानों से उत्पन्न हो रही प्रतिस्पर्धा और पारिवारिक परेशानियों को भी सामने रखा।
सभी पक्षों की समस्याएं सुनने के बाद आयुक्त ने विधि सम्मत कार्रवाई के निर्देश जारी करने की बात कही।
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