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दीपप्रज्वलन कर महापौर ने किया प्रदर्शनी का शुभारंभ

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दुर्ग। भारत सरकार, एमएसएमई मंत्रालय, एमएसएमई-विकास कार्यालय, रायपुर द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेला का आयोजन 21 एवं 22 जनवरी, 2026 को स्वामी विवेकानंद भवन, दुर्ग में किया जा रहा है।जिसका आज महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने एमआईसी सदस्य देव नारायण चंद्राकर, शेखर चंद्राकर, ज्ञानेश्वर चन्द्राकर, निलेश अग्रवाल,शशि साहू की उपस्थिति में 100 स्टॉलों में सजी विश्वकर्माओं की कला, दीपप्रज्वलन कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
बता दे कि विश्वकर्माओं द्वारा अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए लगभग 100 स्टॉल लगाए है। इस कार्यक्रम के अवसर पर महापौर अलका बाघमार ने कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, हर काम का अपना महत्व है। इस योजना में टूलकिट पोस्ट ऑफिस से भेजा जा रहा है जो कि पारदर्शी है,  सराहनीय है, 5% वार्षिक दर पर ऋण मिल रहा है यह भी एक उपलब्धि है हमारे विश्वकर्मा  जनों के लिए।

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उन्होंने ये भी कहा कि इस योजना के माध्यम से विश्वकर्माओं को अपने साथ साथ अपने बच्चों का भी भविष्य संवारने में मदद मिलेगी।विलुप्त हो रही हस्तकला को वापस लाने के लिए ही यह योजना बनाई गई है।हर हाथ को काम मिले और युवागण  नौकरी के ऊपर निर्भर ना रहे  यही हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी की अभिलाषा है। जब हर हाथ को, हर कारीगर को काम मिलेगा तभी हमारा देश तरक्की के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ेगा।गांवों का विकास तभी होगा जब पुराने और परंपरागत व्यवसाय को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा और हमारे गांव पहले की तरह समृद्ध और आत्मनिर्भर हो सकेंगे।
डॉक्टर सीपी दुबे अध्यक्ष लघु उद्योग भारती इंसान के बनाए हुए सामानों की महत्ता के बारे बताया भारत एक समय सोने की चिड़िया था क्योंकि देश के हरेक गांव में सारी सुविधाएं उपलब्ध थी उनको बाहर जाने की आवश्यकता नहीं थी, इसी कारण प्रधानमंत्री ने कारीगरों को आगे बढ़ाने के लिए यह योजना लांच की है ताकि गांवों की उन्नति के साथ हमारा देश पुनः सोने की चिड़िया बन सके। बी आर निकुंज मुख्य महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र दुर्ग पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत दुर्ग जिले में प्राप्त आवेदनों, टूल किट वितरण, स्वीकृत ऋण आदि के बारे में बताया।

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गणेशचंद्र डेका संयुक्त निदेशक स्किल डेवलपमेंट विभाग इस योजना के माध्यम से कारीगरों पहचान, सम्मान, सामर्थ और समृद्धि की प्राप्ति हुईं है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से विश्वकर्माओं को एक मंच मिलेगा, समान कैसे बेचना है, बिजनेस कैसे बढ़ाना है इसका अवसर मिलेगा। साथ ही उनका उत्पाद ऑनलाइन कैसे बेचना है इस पर भी जानकारी दी जाएगी। 
योजना हितग्राही टोकरी निर्माता श्रीमती तुलसी मरकाम जो कला, कारीगरी लुप्त हो रही थी, विश्वकर्मा योजना के माध्यम से उनको फिर से आगे लाने के लिए प्रधानमंत्री ने यह योजना लागू किए है। उनको इस योजना से बहुत लाभ मिला है।उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में मदद मिली है। आभार प्रदर्शन  के बी इरपाते, उपनिदेशक MSME विकास कार्यालय रायपुर,कार्यक्रम का संचालन श्री दामोदर बेहरा सहायक निदेशक MSME विकास कार्यालय रायपुर ने किया। इस प्रदर्शनी में लगभग 100 स्टॉल लगाए गए हैं जिनके माध्यम से विश्वकर्माओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय का अवसर मिलेगा।

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