लॉकडाउन की मार झेल रहे परिवार को मिला सहारा, अब आत्मनिर्भरता की नई कहानी
बालाघाट। कठिन परिस्थितियाँ जब जीवन को थामने लगती हैं, तब सरकारी योजनाएँ लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बन जाती हैं। वार्ड क्रमांक 01 बुढ़ी, बालाघाट के निवासी सुनिल सोनटके (37 वर्ष) इसकी जीवंत मिसाल हैं। फल विक्रय का व्यवसाय करने वाले सुनिल अपने तीन सदस्यीय परिवार पत्नी और पढ़ाई कर रहे बेटे के साथ सरल जीवन जी रहे थे, लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन ने उनके रोजगार को अचानक ठप कर दिया।
व्यवसाय बंद होने से परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया था। ऐसी स्थिति में बीपीएल कार्ड और खाद्यान्न पर्ची ने उनके परिवार को बड़ा सहारा दिया। तीन सदस्यों के लिए मिलने वाले 15 किलो खाद्यान्न ने उनके घर के चूल्हे को जलाए रखा। सुनिल बताते हैं, “अगर खाद्यान्न पर्ची से समय पर अनाज न मिलता तो परिवार को संभालना मुश्किल हो जाता। इसी दौरान नगर पालिका परिषद बालाघाट द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी दी गई। नगर पालिका के मार्गदर्शन और सहयोग से सुनिल को यूको बैंक के माध्यम से क्रमशः 10 हजार रुपये की प्रथम किश्त, 20 हजार रुपये की द्वितीय किश्त और फिर 50 हजार रुपये की तृतीय किश्त का ऋण स्वीकृत व वितरित कराया गया। यह ऋण बिना ब्याज का मिला है और इसके लिए सुनिल को कोई ब्याज नही देना पड़ रहा है। उसे केवल मुद्दल राशि बैंक को किश्तों में देना पड़ रहा है। जो वह आसानी से चुका भी रहा है।
इन तीनों चरणों के ऋण ने सुनिल को फिर से खड़े होने की ताकत दी। उन्होंने अपना फल व्यवसाय दोबारा शुरू किया और मेहनत के दम पर उसे फिर से गति दी। अब उनके परिवार की आर्थिक स्थिति सुधर चुकी है और वे पूरे सम्मान के साथ अपना जीवनयापन कर पा रहे हैं। सुनिल कहते हैं, “स्वनिधि योजना ने हमें दोबारा जीने का विश्वास दिया है। आज मेरा व्यवसाय फिर से चल पड़ा है और परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं।” सुनिल सोनटके की कहानी बताती है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यवसायियों को सिर्फ आर्थिक सहयोग ही नहीं देती, बल्कि मुश्किल समय में आत्मनिर्भर बनने की नई राह भी दिखाती है।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.