राजनीति

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बेमेतरा में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन

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-जनजातीय संस्कृति की झलक, प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान और प्रेरक उद्बोधन बने आकर्षण का केंद्र
बेमेतरा।
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में बेमेतरा जिला मुख्यालय स्थित टाउन हॉल में जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराएँ, इतिहास और उनके योगदान को भावपूर्ण रूप से प्रदर्शित किया गया।
प्रधानमंत्री के संदेश से हुई कार्यक्रम की शुरुआत ..
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संदेश से हुई। उन्होंने बिरसा मुंडा को साहस, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बताया तथा कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समाज की भूमिका को राष्ट्र कभी नहीं भूलेगा।
जिला स्तरीय समारोह में जनप्रतिनिधियों की रही गरिमामयी उपस्थिति ..
टाउन हॉल में आयोजित जिला स्तरीय समारोह के मुख्य अतिथि दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश पढ़ा, जिसमें जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति संरक्षण में निभाई जा रही भूमिका को रेखांकित किया गया।
विधायक श्री चंद्राकर ने कहा कि जनजाति समाज जल, जंगल और जमीन का संरक्षक है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रति क्विंटल ₹3100 की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी कर रही है, जिससे किसान आर्थिक रूप से सशक्त बनेंगे।
कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक  दीपेश साहू ने कहा कि जनजातीय समाज केवल स्वतंत्रता संग्राम में ही नहीं बल्कि समाज निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देता आया है।
साजा विधायक ईश्वर साहू ने बिरसा मुंडा को संघर्ष, आत्मनिर्भरता और स्वाभिमान का प्रतीक बताया तथा जनजातीय समाज की प्रकृति आधारित जीवनशैली को सभी के लिए प्रेरणादायक बताया।
स्कूली बच्चों ने दिखाया जनजातीय संस्कृति का रंग ..
कार्यक्रम के दौरान जिले के स्कूली छात्र-छात्राओं ने जनजातीय नृत्य, लोकगीत, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और लोक कला की शानदार प्रस्तुति दी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनजातीय वीरता, परंपराएँ और लोकजीवन की झलक दर्शकों को देखने को मिली।

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प्रतिभाओं और समाज सेवियों का सम्मान ...
कार्यक्रम में जनजातीय समाज का गौरव बढ़ाने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों, समाज प्रमुखों तथा शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों को शाल श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
प्रदर्शनियों में जनजातीय वेशभूषा, हस्तशिल्प, कृषि उपकरण, प्राकृतिक उत्पाद, पारंपरिक औजार और जनजातीय जीवनशैली से जुड़े मॉडलों ने उपस्थित लोगों को समाज की समृद्ध विरासत से रूबरू कराया। जनजातीय भोजन, कला और वाद्ययंत्रों का प्रदर्शन कार्यक्रम की भव्यता का केंद्र रहा।
एकता, सम्मान और संस्कृति का उत्सव ..
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और जनजातीय समुदाय के सदस्य शामिल हुए। पूरे कार्यक्रम के दौरान “भगवान बिरसा मुंडा अमर रहें” के जयघोष गूंजते रहे।
अंत में जिला प्रशासन ने सभी अतिथियों व प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया तथा जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प दोहराया।
जनजातीय गौरव दिवस बेमेतरा में केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संस्कृति, सम्मान और एकता का भव्य उत्सव बनकर उभरा।

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