-जसगीत कार्यक्रम रहेगा आकर्षण का केंद्र
धमधा। शिवनाथ नदी के तट पर स्थित बारहवीं शताब्दी के प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर में इस वर्ष भी कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर 05 नवम्बर 2025 (बुधवार) को वार्षिक मेले का भव्य आयोजन किया गया है। मेला प्रातः 3 बजे से प्रारंभ होकर दिनभर चलेगा।
धमधा से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह ऐतिहासिक मंदिर अपनी अनोखी स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। सोलह खण्डों से निर्मित इस मंदिर में भगवान विष्णु के बारह अवतारों का सुंदर चित्रण किया गया है। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन शिवनाथ नदी में स्नान कर चतुर्भुजी भगवान की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मंदिर के बारे में बताया जाता है कि इसका निर्माण धमधा के गोंड़ राजा ने कराया था। मंदिर की मूर्ति काले पत्थरों से निर्मित स्वयंभू प्रतिमा है, जिसके समीप एक प्राचीन बावली स्थित है। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार बावली के नीचे एक गुप्त सुरंग है, जिससे होकर राजा शिकार के लिए जाया करता था।
मंदिर के निकट महालक्ष्मी के हाथ की आकृति भी विद्यमान है, जिसके पूजन से श्रद्धालुओं को धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि शासन से इसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की मांग कई बार की जा चुकी है। मेले के अवसर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक जसगीत कार्यक्रम का आयोजन भी रखा गया है, जिसमें स्थानीय कलाकारों द्वारा भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी।
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