बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल द्वारा हाईकोर्ट में लगाई गई याचिका को छूट (लिबर्टी) के साथ खारिज कर दिया। सोमवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने कहा कि यदि चैतन्य को राहत चाहिए तो वे फ्रेश आवेदन पेश करें, जिसमें केवल अपने मामले से संबंधित ही प्रार्थना हो।
बता दें कि शराब घोटाला मालमे में आरोपी बनाये गये चैतन्य बघेल की ओर से ईओडब्ल्यू की कार्रवाई को गलत करार देते हुए हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसपर पर सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े, जबकि एन. हरिहरन और हर्षवर्धन परगानिया ने चैतन्य की ओर से पैरवी की। यह याचिका ईओडब्ल्यू की जांच रिपोर्ट की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी। पहली सुनवाई में राहत नहीं मिलने के बाद अब उनकी कानूनी टीम मंगलवार को नई याचिका दाखिल करेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद शनिवार 23 अगस्त को चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अब इस मामले में 6 सितंबर को अगली सुनवाई होगी।
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