-प्रदेश में सबसे अधिक खनिज रॉयल्टी बालाघाट ने वसूली
-परिवहन विभाग ने 56 करोड़ 56 लाख 56 हजार रुपये का राजस्व वसूला
-लक्ष्य हासिल करने के साथ ही वित्तीय वर्ष हुआ समापन
बालाघाट। वित्तीय वर्ष 2024-25 का समापन हो गया है, इसमें बालाघाट जिले ने कई उपलब्धियां हासिल की है। अब नई उपलब्धि खनिज राजस्व हासिल करने के मामलें में आयी है। इस वर्ष बालाघाट खनिज लक्ष्य प्राप्त करने में प्रदेश में सबसे अधिक है। इसके अलावा जिले ने उपलब्धियां हासिल करने में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों में भी प्रदेश स्तर पर पहचान बनाई है। चाहे वो राजस्व कार्यो में हो, आयुष्मान योजना हो, अपार आईडी बनाने का लक्ष्य हो, मुख्यमंत्री कल्याण योजना हो, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम हो या अन्य योजनाओं की बात हो। बालाघाट जिलें ने कई योजनाओं में लक्ष्य हासिल किया है। इसी तरह ऐसे विभाग जिन्हें राजस्व कर हासिल करने के लिए शासन द्वारा लक्ष्य निर्धारित किया जाता है, उसमें भी जिला प्रदेश में आगे रहा। खनिज अधिकारी श्री आरके खातरकर ने बताया कि जिले को खनिज राजस्व के लिए 135 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था। 31 मार्च की स्थिति में बालाघाट ने 170 करोड़ रुपये का राजस्व वसूला है। जो प्रदेश में सबसे अधिक है। इसके अलावा परिवहन विभाग द्वारा भी शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। जिला परिवहन अधिकारी अनिमेष गड़पाल में बताया कि 56 करोड़ 55 लाख रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 31 मार्च तक 56 करोड़ 56 लाख 56 हजार से अधिक राजस्व एकत्रित हुआ है। जिला पंजीयक विभाग द्वारा 29 मार्च तक 120 करोड़ के लक्ष्य को 106 करोड़ 33 लाख तक हासिल किया गया है। इसी तरह 29 मार्च तक राजस्व वसूली में 7 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध 6 करोड़ 24 लाख रुपये वसूला गया था।
-पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम में लक्ष्य से अधिक स्वरोजगार हुए सृजित...
उद्योग विभाग द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में बालाघाट को प्राप्त लक्ष्य को 217 प्रतिशत तक पहुँचाया गया। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में 28 का लक्ष्य दिया गया था। इसमें 61 नागरिकों को स्वरोजगार के लिए अनुदान पर ऋण प्रदान किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री कल्याण योजना में भी बालाघाट में लक्ष्य हासिल हुआ है। इसमें लक्ष्य 100 प्रकरणों के लिए प्राप्त हुआ था। इसमें 107 युवाओं को ऋण प्रदाय हुआ है।
-पूर्व में पायी उपलब्धियॉ...
बालाघाट जिले ने कलेक्टर मृणाल मीना के निर्देशन में कई योजनाओं में लक्ष्य हासिल करने के साथ ही कई मामलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर राज्य का ध्यान आकर्षित किया है। इसमें जिला 70 वर्ष की आयु के सबसे अधिक आयुष्मान कार्ड बनाने में पहले ही चर्चाओं में रहा है। इसी तरह अपार आईडी बनाने के साथ ही दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान करने में भी बालाघाट का कार्य सराहनीय रहा है।
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