दुर्ग। गीता जयन्ती की पूर्व संध्या पर आयोजित वर्तमान परिस्थितियों में गीता की प्रासंगिकता विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम दुर्ग के सरस्वती शिशु मंदिर कसारीडीह में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छत्तीसगढ़ के सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव थे, अध्यक्षता प्रबुद्ध परिषद् के प्रांत संयोजक अतुल नागले ने किया।

अपने उद्बोधन में नारायण नामदेव ने कहां कि मानव समाज गीता का आश्रय लेकर ही सफल हो सकता है गीता कर्म शास्त्र है जो हमें हमारी भूमिका सुनिश्चित करने में मदद करती है इसीलिए गीता हर युग में प्रासंगिक है। अध्यक्षीय उद्बोधन में अतुल नागले ने अर्जुन का वर्णन करते हुए मानव समाज को गीता के माध्यम से अवसाद से बचने की बात कही।

गीता स्वाध्याय मण्डल के गणेश शंकर देशपांडे ने हर माह हर घर में सामूहिक गीता पाठ करने की बात कही।
व्याख्यान कार्यक्रम में राजेश ताम्रकार, संदीप ताम्रकार, दिनेश पाटिल, चिरंजीव जैन, अरविंद सुराना, विनायक ताम्रकार एच एस वर्मा, मानव सोनकर, मंगल गुप्ता, दिनेश ताम्रकार, सुनील जी ,राकेश तिवारी, दीपक सोनी शत्रुघ्न देवांगन, श्रीमती रोहिणी पाटणकर, डॉ मानसी गुलाटी, कृपा शर्मा ,अंकिता तिवारी, शशी बंछोर सहित नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर नीलेश शर्मा ने किया।
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