होम / बड़ी ख़बरें / अतिरिक्त निर्माण पर प्रतिमाह आर्थिक दंड वसूली से परेशान भिलाई के आवंटनधारक, वन टाइम पेनल्टी से नियमितीकरण की मांग
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-स्टील सिटी चेंबर ने बीएसपी प्रबंधन को पुनः लिखा पत्र, दीपावली के बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी

भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) प्रबंधन द्वारा भिलाई प्रशासित क्षेत्र में दुकान सह आवास के आवंटनधारकों से अतिरिक्त निर्माण के नाम पर प्रतिमाह आर्थिक दंड वसूले जाने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। इस व्यवस्था से परेशान आवंटनधारकों को राहत दिलाने के लिए स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स, भिलाई ने बीएसपी प्रबंधन से वन टाइम पेनल्टी लेकर ऐसे निर्माणों को नियमित करने की मांग की है। चेंबर ने चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं होने पर दीपावली के बाद बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
चेंबर के अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र ने अपने प्रशासित क्षेत्र में दुकान सह आवास के लिए विधि सम्मत अनुमति देकर आवंटन किया है। इसके बावजूद कुछ आवंटनधारकों द्वारा आवंटित भूमि पर निर्धारित ऊंचाई सीमा से अधिक निर्माण कर लिया गया है। ऐसे निर्माणों को नियमित करने के लिए बीएसपी प्रबंधन पूर्व में वन टाइम पेनल्टी की व्यवस्था लागू कर चुका है और इसके तहत विधिसम्मत आदेश भी जारी किए गए थे। लेकिन पिछले लगभग 8 से 10 वर्षों से प्रबंधन इन नियमों को दरकिनार कर प्रतिमाह आर्थिक दंड आरोपित कर उसकी वसूली कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आवंटनधारकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह मासिक आर्थिक दंड कब तक वसूला जाएगा। जबकि बीएसपी प्रबंधन के पास एकमुश्त पेनल्टी लेकर निर्माण को नियमित करने की योजना और व्यवस्था मौजूद है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी इस मामले के निराकरण में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
जैन ने बताया कि हाल ही में स्टील सिटी चेंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारियों और भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक (सेवाएं) सहित संबंधित अधिकारियों के बीच बैठक हुई थी। बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की गई थी। मुख्य महाप्रबंधक ने प्रकरण का निराकरण करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी चेंबर को नहीं दी गई है।
चेंबर अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला स्थानीय स्तर पर ही हल किया जा सकता है, लेकिन विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली से ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी रुचि समस्या का स्थायी समाधान करने के बजाय प्रतिमाह राशि वसूलने में अधिक है। यह स्थिति दुखद और निंदनीय है। इसी संबंध में चेंबर ने मुख्य महाप्रबंधक, नगर सेवाएं, भिलाई इस्पात संयंत्र को पुनः पत्र भेजकर मांग की है कि बीएसपी प्रबंधन के नियंत्रण में आने वाले सभी ऐसे प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों को आवंटनधारकों को राहत प्रदान करने के निर्देश दिए जाएं।
ज्ञानचंद जैन ने रिटेंशन और लाइसेंस से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रकरणों में भी बीएसपी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। उनका आरोप है कि जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय प्रबंधन के स्तर पर संभव था, उन्हें अनावश्यक रूप से उच्च स्तर तक ले जाया गया। इस प्रक्रिया में शहर के रिटेंशनधारकों और लाइसेंसधारकों को पिछले एक वर्ष से परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उपभोक्ताओं के साथ-साथ सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी इस मामले में गुमराह क्यों किया जाता रहा।
चेंबर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों और आवंटनधारकों को अनावश्यक मानसिक, आर्थिक एवं शारीरिक परेशानी से राहत मिलनी चाहिए। नगर निगम चुनाव के पूर्व इस समस्या का निराकरण किया जाना आवश्यक है। अन्यथा व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होने से डबल इंजन की सरकार के सामने भी असहज स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
अंत में ज्ञानचंद जैन ने मुख्य महाप्रबंधक से आग्रह किया कि इस प्रकरण का शीघ्र निराकरण कर भिलाई के व्यापारी वर्ग और आवंटनधारकों को दीपावली के उपहार के रूप में राहत प्रदान करें। उन्होंने दोहराया कि यदि प्रबंधन ने समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो दीपावली के बाद चेंबर व्यापारियों के हित में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
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