होम / बड़ी ख़बरें / मास्टर्स एथलेटिक्स में दुर्ग-भिलाई का परचम, गंगेश्वर देवांगन व प्रभा हुसैन को मिला शहीद विनोद चौबे सम्मान
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-राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदक जीतकर बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान, खेल सुविधाओं में विस्तार की उठी मांग
दुर्ग। मास्टर्स एथलेटिक्स के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और देश का गौरव बढ़ाने वाले दुर्ग के गंगेश्वर देवांगन एवं भिलाई की प्रभा हुसैन को राज्य शासन ने खेल दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित शहीद विनोद चौबे सम्मान से सम्मानित किया। रायपुर स्थित खेल ऑडिटोरियम में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोनों खिलाड़ियों को सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से उन्हें 25 हजार रुपये की नगद राशि, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ब्रांच छत्तीसगढ़ के महासचिव मोहम्मद ताजुद्दीन ने बुधवार को मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि गंगेश्वर देवांगन और प्रभा हुसैन ने मास्टर्स एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन कर देश-प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां युवा खिलाड़ियों के साथ-साथ उम्र के इस पड़ाव में खेलों से जुड़े रहने वालों के लिए भी प्रेरणादायक हैं।
उन्होंने बताया कि दुर्ग निवासी मास्टर्स एथलीट गंगेश्वर देवांगन ने वर्ष 2025 में चेन्नई में आयोजित 23वीं एशियाई मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिता में 800 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया था। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है।
इसी तरह भिलाई की लंबी दूरी की धाविका प्रभा हुसैन ने भी मास्टर्स एथलेटिक्स में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वह वर्ष 2025 एवं 2026 में नीदरलैंड, यूरोप में आयोजित मैराथन स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियों से दुर्ग-भिलाई का नाम देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गौरवान्वित हुआ है।
-30 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ी लेते हैं हिस्सा
मोहम्मद ताजुद्दीन ने बताया कि मास्टर्स एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में 30 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। छत्तीसगढ़ के अनेक मास्टर्स खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेकर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। इनमें गंगेश्वर देवांगन और प्रभा हुसैन का नाम प्रमुखता से शामिल है। उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों को देखते हुए राज्य शासन ने इस वर्ष उन्हें शहीद विनोद चौबे सम्मान से सम्मानित किया है।
उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा शहीद विनोद चौबे सम्मान की शुरुआत वर्ष 2011 में की गई थी। यह सम्मान वरिष्ठ मास्टर खिलाड़ियों, पत्रकारों एवं कॉमेंटेटरों को प्रदान किया जाता है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की उपलब्धियों और गरिमा को देखते हुए वर्तमान सम्मान राशि अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से आगामी वर्षों में सम्मान राशि में वृद्धि करने की मांग की।
-खेल सुविधाओं की कमी पर जताई चिंता
ताजुद्दीन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों को पर्याप्त एवं बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। संसाधनों और अभ्यास के लिए उचित मैदानों की कमी के कारण प्रदेश के खिलाड़ी कई बार अन्य राज्यों के खिलाड़ियों की तुलना में पीछे रह जाते हैं।
उन्होंने दुर्ग के प्रसिद्ध पंडित रविशंकर स्टेडियम को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि स्टेडियम को क्रिकेट के लिए बीसीसीआई को हैंडओवर करने की चर्चा चल रही है। यदि ऐसा होता है तो एथलेटिक्स सहित अन्य खेलों से जुड़े खिलाड़ियों के लिए नियमित अभ्यास का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने इसे चिंताजनक बताते हुए छत्तीसगढ़ सरकार एवं दुर्ग जिला प्रशासन से मांग की कि पंडित रविशंकर स्टेडियम को सभी खेलों के खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध एवं आरक्षित रखा जाए, ताकि एथलेटिक्स और अन्य खेल प्रतिभाओं को अभ्यास के लिए पर्याप्त सुविधा मिल सके। मीडिया से चर्चा के दौरान मास्टर्स एथलेटिक्स खिलाड़ी गंगेश्वर देवांगन, प्रभा हुसैन, टीआर साहू, वीआर साहू, देवधर ठाकुर सहित अन्य उपस्थित रहे।
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