होम / दुर्ग-भिलाई / शिक्षक संवर्ग की लंबित मांगों को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन
दुर्ग-भिलाई

दुर्ग। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा दुर्ग के बैनर तले शिक्षक संवर्ग की लंबित समस्याओं एवं न्यायोचित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग को लेकर टेट मुक्ति विशाल रैली निकाली गई। रैली के पश्चात मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव एवं संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय के नाम कलेक्टर दुर्ग के प्रतिनिधि तहसीलदार को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। मोर्चा ने शासन से मांगों पर तत्काल आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की।
मोर्चा के जिला संयोजक शत्रुघन साहू, चन्द्रशेखर तिवारी एवं कमल वैष्णव ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत एलबी संवर्ग के शिक्षक लंबे समय से विभिन्न सेवा संबंधी विसंगतियों और समस्याओं से जूझ रहे हैं। इनका सीधा प्रभाव शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वेतन, पदोन्नति, पेंशन एवं भविष्य की सेवा शर्तों पर पड़ रहा है। उन्होंने शासन से संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हुए लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की।
-मोर्चा की प्रमुख मांगें
TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग: मोर्चा ने सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मोर्चा का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा TET के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिए जाने के परिप्रेक्ष्य में सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति में TET की अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए।
प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना: पंचायत संवर्ग में हुई शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ प्रदान करने की मांग की गई है। इसमें पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू सभी सेवा संबंधी लाभ शामिल हैं।
वेतन विसंगति दूर कर केंद्रीय वेतनमान लागू करने की मांग: शिक्षक संवर्ग की लंबे समय से लंबित वेतन विसंगतियों का स्थायी निराकरण करते हुए वेतन निर्धारण में केंद्रीय वेतनमान संरचना को आधार बनाने की मांग की गई है।
13 फरवरी 2026 के राजपत्र में संशोधन: छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम से संबंधित 13 फरवरी 2026 के राजपत्र में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन की मांग की गई है, ताकि पदोन्नति एवं सेवा हित सुरक्षित रह सकें।
B.Ed. शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स: B.Ed. प्रशिक्षित शिक्षक संवर्ग की योग्यता एवं सेवा हितों को ध्यान में रखते हुए ब्रिज कोर्स की व्यवस्था करने की मांग की गई है, ताकि शिक्षकों की योग्यता संबंधी स्थिति स्पष्ट हो और भविष्य की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
-शिक्षक हितों के लिए संघर्ष जारी रखने की घोषणा
मोर्चा ने कहा कि शिक्षक प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं और वे पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान शासन की प्राथमिकता होना चाहिए।
मोर्चा ने शासन से सभी मांगों पर समयबद्ध एवं सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक आदेश शीघ्र जारी करने तथा शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सार्थक चर्चा कर समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने का आग्रह किया। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि शिक्षक हितों से जुड़े इन विषयों पर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम में जयंत यादव, युवराज साहू, संतोष शर्मा, कृष्णाराज पांण्डेय, विवेकानंद ताम्रकार, मदन साटकर, घनश्याम देवांगन, माधव चेलक, अशोक सिन्हा, किशन देशमुख, चंद्रहास साहू, वीरेंद्र वर्मा, सरस्वती गिरिया, अमिता हरमुख, प्रताप धनकर, विजय बेलचंदन, तिलक सेन, अशोक देशमुख, योगेश वर्मा, किरण गौर, सुनीति तिवारी, संजय चंद्राकर, राहुल झा, तिलकचंद्र साहू, टीकमचंद्र साहू, नीलू थापा, सुप्रिया भुवाल, अदिया नामदेव, ओमप्रकाश पाण्डेय, भवानी देशमुख, वेदराम जांगड़े, महेश चंद्राकर, रोहित देशमुख, राजेश चंद्राकर, टिकेंद्र चंद्राकर, टामिन वर्मा, कमलेश्वरी कोठारी, रामबाई लहरिया, रितु मिश्रा, सरला मडरिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षक संवर्ग के सदस्य उपस्थित रहे।
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