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बस्तर में एकल शिक्षक शालाओं की समस्या दूर करने की मांग

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-संलग्न शिक्षकों को मूल विद्यालयों में भेजने हेमंत कश्यप ने अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर।
बस्तर संभाग में एकल शिक्षक शालाओं की समस्या दूर करने तथा विभिन्न विभागों एवं कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों को उनके मूल पदस्थ विद्यालयों में वापस भेजने की मांग को लेकर पूर्व जिला उपाध्यक्ष युवा कांग्रेस एवं आदिवासी नेता हेमंत कश्यप ने संभाग आयुक्त, कलेक्टर, संयुक्त संचालक स्कूल शिक्षा विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा 25 जून 2026 को जारी निर्देश के अनुसार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा एकल शिक्षक शालाओं में शिक्षकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से शिक्षकों के संलग्नीकरण को समाप्त कर उन्हें मूल पदस्थ विद्यालयों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद बस्तर जिले के कई विद्यालय आज भी एक ही शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
हेमंत कश्यप ने कहा कि बस्तर आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना शासन और प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कई शिक्षक विभिन्न विभागों एवं सरकारी कार्यालयों में गैर-शैक्षणिक कार्यों के लिए संलग्न हैं। ऐसे शिक्षकों को उनके मूल विद्यालयों में वापस भेजने से एकल शिक्षक शालाओं में शिक्षकों की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शासन के निर्देशों का तत्काल प्रभाव से पालन सुनिश्चित करते हुए सभी संलग्न शिक्षकों को उनके मूल पदस्थ विद्यालयों में भेजा जाए। साथ ही रिक्त एवं एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों की व्यवस्था की जाए, ताकि बस्तर के विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो और उनका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके।
ज्ञापन प्राप्त करते हुए संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
हेमंत कश्यप ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और बस्तर के आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस दिशा में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो जनहित में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान देवनाथ ठाकुर, अमृत बघेल, मन्नू बघेल, विजय भारती, कृपालु बघेल, रामदास, किशोर, जोगेंद्र, रामचंद्र, एकादशी, सुनील बिसाई एवं चंद्रेश सोनी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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