होम / दुर्ग-भिलाई / स्वास्थ्य कर्मियों की कैशलेस चिकित्सा सुविधा में शामिल करें सभी अस्पतालों को,मांग
दुर्ग-भिलाई
-कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रारूप पर सुझाव के लिए आज राजधानी में बैठक
भिलाई। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने विभागीय कर्मियों के लिए कैशलेस चिकित्सा में राज्य और राज्य के बाहर के सभी मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों को शामिल करने सहित हेल्प डेस्क बनाने की मांग है। संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने इस संबंध में बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के द्वारा घोषित राज्य के 5 लाख कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने गत विधानसभा सत्र मे 100 करोड़ राशि प्रावधान किया गया है।
वहीं सचिव स्वास्थ्य अमित कटारिया ने इसके लिए राज्य नोडल एजेंसी के माध्यम प्रारूप बनाया है। अधिकारी/कर्मचारियों के लिए लागू की जाने वाली कैशलेस चिकित्सा में योजना के प्रारूप पर कर्मचारियों के संशोधन और सुझाव के लिए दिव्या वैष्णव अपर सचिव लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 29 जुलाई को मंत्रालय मे बैठक बुलाई गई है।
महामंत्री सैय्यद असलम ने इस संबंध में संघ की ओर से महत्वपूर्ण सुझाव रखे हैं। जिसमें उन्होंने मांग रखी है कि किसी भी दशा में संबंधित अस्पताल राशि की मांग ना करें और इलाज पूर्णतया निशुल्क हो। कैशलेस चिकित्सा के अंतर्गत ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) रायपुर में भी कर्मचारियों के नि:शुल्क उपचार को भी शामिल किया जाए।
उन्होंने कहा कि हितग्राही के बीमार होने पर रेफर की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। किसी को हृदय संबंधी दिक्कत हो तो वो पहले जिला अस्पताल जाकर जांच करके रेफर करवाए ऐसी स्थिति ना हो। ऐसी ही अन्य बीमारियों में नियम बने। कैशलेस चिकित्सा के अंतर्गत कर्मचारियों में पत्नी और 25 वर्ष तक की उसकी संतान और माता पिता का इलाज निशुल्क किया जाए।
उन्होंने संघ की ओर से कहा है कि किसी भी दशा में ऐसा न हो कि केवल पांच लाख तक उपचार होगा और इसके उपर खर्च पर कर्मचारियों को देना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में कैशलेस चिकित्सा के नि:शुल्क रखने का कोई मतलब नहीं होगा। कैशलेस में कर्मचारियों से कोई प्रीमियम राशि वेतन से वसूली जैसे बाध्यता न हो।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने प्रांत अध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि इस योजना के लिए राज्य सरकार बडा पैकेज घोषित करे। वर्तमान में यह 100 करोड़ है तो भविष्य में 200 करोड़ करना चाहिए। अस्पताल में भर्ती उपरांत कर्मचारियों को और परिजनों को अनावश्यक कागजी काम के लिए भटकना नहीं पड़े, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि इसी तरह से अन्य कर्मचारी संगठनों द्वारा भी सुझाव दिया जाएगा, जिससे सरकार की योजना कर्मचारी हित में हो।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.