होम / दुर्ग-भिलाई / 'आरंभ' बना हर मौन कलम को आवाज देने का मंच: डॉ. चक्रवर्ती
दुर्ग-भिलाई
-'आरंभ' के आयोजनों में सर्वधर्म समभाव एवं परस्पर सामाजिक सद्भाव का वातावरण: डॉ. महेश चंद्र शर्मा
-साहित्य को उन्नति के सर्वोच्च शिखर पर रखने का कार्य कर रहे 'आरंभ' के साहित्यकार: साटकर
-प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था 'आरंभ' की सातवीं सांगठनिक बैठक में काव्य पाठ और सम्मान समारोह
भिलाई। प्रगतिशील जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था 'आरंभ' द्वारा आयोजित सातवीं सांगठनिक बैठक भिलाई निवास के इंडियन कॉफी हाउस सभागार में सम्पन्न हुई। मुख्य अतिथि एवं मोटिवेशनल स्पीकर 'स्वयंसिद्धा' की अध्यक्ष डॉ सोनाली चक्रवर्ती थी। अध्यक्षता संस्था के मुख्य सलाहकार आचार्य डॉ महेश चंद्र शर्मा ने की। सांगठनिक बैठक की अध्यक्षता 'आरंभ' के मुख्य संरक्षक कैलाश जैन बरमेचा ने की। विशिष्ट अतिथि संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष त्रयम्बक राव साटकर 'अंबर', उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश नीलम चंद सांखला और सेवानिवृत्त उप वन मंडल के अधिकारी अब्दुल वहीद खान थे।
सरस्वती वंदना गीत की प्रस्तुति संध्या साटकर ने की। आयोजकीय वक्तत्व ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर और स्वागत उद्बोधन 'आरंभ' के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य एवं आभार व्यक्त ब्रजेश मल्लिक ने दिया। प्रतिवेदन एवं संस्था का उद्देश्य मुख्य संचालिका संस्था की महासचिव नुरू सबाह खान 'सबा' और काव्य पाठ का संचालन उपाध्यक्ष दीप्ति श्रीवास्तव ने किया।
इस दौरान जानकारी दी गई कि संस्था का राज्य स्तरीय पंजीयन 25 मई को होने के बाद से अब सदस्य संख्या 51 हो गई है। सांगठनिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए कैलाश जैन बरमेचा ने सभी सदस्यों का आत्मीय स्वागत पुष्पगुच्छ देकर किया। डॉ सोनाली चक्रवर्ती ने कहा कि- हर मौन कलम को आवाज़ देने का मंच है, शोषितों के स्वरों का यह प्रखर उद्घोष-स्तम्भ है, एक नई सोच का नाम 'आरंभ' है। आचार्य डॉ महेशचंद्र शर्मा ने कहा कि- साहित्य की विविध विधाओं को समर्पित 'आरंभ' के आयोजनों में सर्वधर्म समभाव एवं परस्पर सामाजिक सद्भाव का वातावरण देखते ही बनता है। त्रयम्बक राव साटकर 'अंबर' ने कहा कि साहित्य को उन्नति के सर्वोच्च शिखर पर देखना एक कवि अथवा साहित्यकार का प्रथम लक्ष्य होता है। यही कार्य हमारे 'आरंभ' के साहित्यकार कर रहे हैं
इस अवसर पर नीलम चंद सांखला और अब्दुल वहीद खान ने भी अपने विचार प्रकट किए। दूसरे सत्र में काव्य पाठ हुआ। सभी रचनाकारों को 'आरंभ' प्रतिभागी प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
काव्य पाठ करने वालों में प्रमुख रूप से डॉ संध्या श्रीवास्तव, वर्षा ठाकुर, गजेंद्र द्विवेदी 'गिरीश', तारकनाथ चौधुरी, अमृता मिश्रा, डॉ विजय कुमार गुप्ता 'मुन्ना', शशिप्रभा गुप्ता, नुरू सबाह खान 'सबा', नीलम चंद सांखला, प्रकाश चंद्र मण्डल, राकेश गुप्ता 'रुसिया', जाविद हसन 'भाईजान', डॉ दीक्षा चौबे, मिताली श्रीवास्तव वर्मा, फरीदा शाहीन अंसारी, सुशील यादव, शौकत इकबाल, नितिन गोस्वामी, पल्लव चटर्जी, माला सिंह, राजकुमार भल्ला 'आर्य', शिवचरण दास गोयल, कमलेश तिवारी, प्रदीप कुमार पाण्डेय, डॉ नौशाद अहमद सिद्दीकी 'सब्र', ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल सोनपांडर, अब्दुल वाहिद खान और ब्रजेश मल्लिक शामिल थे।
इस अवसर पर डॉ सोनाली चक्रवर्ती को 'आरंभ' मोमेंटों,शॉल, श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। आयोजन में शेफाली भट्टाचार्य, संध्या साटकर, शानू मोहनन, अनिल खरे, आलोक चौधुरी, अर्पिता चौधुरी, महेश तिवारी, दीपमाला सिन्हा, शेखर साहू और अनेक बुद्धिजीवी एवं 'आरंभ' के सदस्यगण उपस्थित रहे। ये जानकारी 'आरंभ' के प्रवक्ता जाविद हसन 'भाईजान' ने दी।
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