होम / दुर्ग-भिलाई / भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप चोरी मामला: तीन आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए, करोड़ों की संपत्ति व आभूषण संबंधी दस्तावेज जप्त
दुर्ग-भिलाई
भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से संगठित रूप से स्क्रैप चोरी एवं अवैध परिवहन के बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस ने पूछताछ के दौरान करोड़ों रुपये की संपत्ति एवं आभूषणों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जप्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 26 मई 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर हुई थी। ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स, प्लॉट नंबर 18 ए/05, एचआईए हथखोज भिलाई में जांच के दौरान बड़े पैमाने पर चोरी किए गए लोहे की प्लेट, बीम कटिंग एवं अन्य स्क्रैप सामग्री का अवैध भंडारण मिला। जांच में सामने आया कि फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ में बीएसपी से चोरी किए गए स्क्रैप का अवैध परिवहन और बिक्री की जा रही थी।
कार्रवाई के दौरान लगभग 250 टन लोहे की प्लेट, बीम कटिंग एवं अन्य स्क्रैप सामग्री जप्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये बताई गई। इसके अलावा परिवहन एवं लोडिंग में प्रयुक्त वाहनों और मशीनरी सहित कुल लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई।
विवेचना के दौरान मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह को उत्तरप्रदेश के देवरिया क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। 16 जून 2026 को गिरफ्तारी के बाद उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ में अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा तथा आकाश कुमार सिंह की संलिप्तता सामने आने पर दोनों को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चोरी किए गए स्क्रैप की अवैध बिक्री से अर्जित धनराशि को विभिन्न अचल संपत्तियों एवं आभूषणों में निवेश करने की जानकारी दी। इसके आधार पर मुख्य आरोपी संजय सिंह के लॉकर से लगभग 50 लाख रुपये मूल्य के आभूषण तथा करीब 3 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज जप्त किए गए। आरोपी अक्षय कुमार से भी संपत्ति संबंधी दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनका मूल्यांकन किया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर पुनर्निर्माण कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए तथा स्क्रैप परिवहन में उपयोग किए गए वाहनों की फर्जी नंबर प्लेट भी जप्त की।
इस प्रकरण में अब तक कुल 12 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस द्वारा आरोपियों की चल एवं अचल संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई भी अलग से की जाएगी। मामले की विवेचना जारी है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों एवं औद्योगिक संस्थानों से अपील की है कि औद्योगिक सामग्री, स्क्रैप अथवा अन्य संपत्तियों के अवैध क्रय-विक्रय एवं परिवहन की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे मामलों में प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
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सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
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