होम / दुर्ग-भिलाई / गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य से जुड़ी योजनाओं में कमी करना उचित नहीं – डॉ. प्रतीक उमरे
दुर्ग-भिलाई
दुर्ग। दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने प्रदेश के सरकारी प्राथमिक एवं मिडिल स्कूलों के विद्यार्थियों को दो जोड़ी के स्थान पर केवल एक जोड़ी गणवेश दिए जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के हितों के विपरीत है।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि शासन के नियमानुसार विद्यार्थियों को प्रतिवर्ष दो जोड़ी निःशुल्क गणवेश प्रदान किया जाना चाहिए, ताकि वे पूरे शैक्षणिक सत्र में स्वच्छ एवं सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें।केवल एक जोड़ी गणवेश दिए जाने से हजारों परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।अधिकांश ग्रामीण एवं श्रमिक परिवारों के लिए बच्चों के लिए दूसरी गणवेश खरीदना आसान नहीं है।उन्होंने कहा कि एक ही गणवेश को प्रतिदिन पहनने से बच्चों को अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।बरसात के मौसम में गणवेश के गीले होने या खराब होने की स्थिति में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति भी प्रभावित हो सकती है।शिक्षा के अधिकार के साथ-साथ बच्चों की गरिमा और समान अवसर सुनिश्चित करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।डॉ. प्रतीक उमरे ने स्कूल शिक्षा सचिव परदेशी सिद्धार्थ कोमल से आग्रह किया है कि तत्काल निर्णय की समीक्षा कर सभी पात्र विद्यार्थियों को दो जोड़ी निःशुल्क गणवेश उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा से जुड़े विषयों में किसी प्रकार की कटौती करने के बजाय बच्चों की आवश्यक सुविधाओं में वृद्धि करनी चाहिए।गरीब परिवारों के बच्चों के भविष्य से जुड़ी योजनाओं में कमी करना उचित नहीं है।सरकार वास्तव में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाना चाहती है,तो उसे विद्यार्थियों को पर्याप्त गणवेश,पुस्तकें एवं अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए।
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