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अंडर-9 एवं अंडर-17 शतरंज चैंपियनशिप में तुषार, मान्या, शिल्प एवं इशिका बने जिला चैम्पियन

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-मेधांश, शांभवी, शुभम एवं परिधि ने हासिल किया उपविजेता का खिताब
-दिमाग को सजग, सक्रिय एवं सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है शतरंज: नीलम चंद सांखला 

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दुर्ग। छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ के निर्देशन, प्रदेश शतरंज संघ के महासचिव विनोद राठी के मार्गदर्शन तथा खालसा एजुकेशन सोसायटी के सहयोग से खालसा कॉलेज में जिला शतरंज संघ दुर्ग द्वारा आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय अंडर-9 एवं अंडर-17 शतरंज चैंपियनशिप का भव्य समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
समापन समारोह में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार जनरल नीलम चंद सांखला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी कैलाश जैन 'बरमेचा' ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेविका श्रीमती मंजू जैन 'बरमेचा' की गरिमामयी उपस्थिति रही।
जिला शतरंज संघ दुर्ग के अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत एवं सचिव तुलसी सोनी ने प्रतियोगिता की जानकारी देते हुए बताया कि प्रतियोगिता में दुर्ग जिले के कुल 88 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता छह चक्रों में संपन्न हुई, जिसमें खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, एकाग्रता एवं रणनीतिक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
अंडर-9 ओपन वर्ग में तुषार यादव ने विजेता ट्रॉफी जीतकर जिला चैम्पियन बनने का गौरव प्राप्त किया। मेधांश सोरी उपविजेता रहे, जबकि रेयांश गुप्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
अंडर-9 बालिका वर्ग में मान्या मौर्यिका जिला चैम्पियन बनीं। शांभवी शर्मा उपविजेता रहीं तथा आन्या सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
अंडर-17 ओपन वर्ग में शिल्प कुमार घोड़ेसवार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें 2,000 रुपये नगद एवं विजेता ट्रॉफी प्रदान की गई। शुभम सिंह ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर 1,500 रुपये नगद एवं उपविजेता ट्रॉफी हासिल की, जबकि चेतस माण्डले को तृतीय स्थान के लिए 1,000 रुपये नगद एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
अंडर-17 बालिका वर्ग में इशिका ने जिला चैम्पियन बनने का गौरव प्राप्त किया उन्हें 2 हजार रुपए नगद एवं विजेता ट्रॉफी तथा द्वितीय स्थान पर रही परिधि लिलहारे को 15 सौ रुपए नगद एवं उपविजेता ट्रॉफी प्रदान किया गया। तृतीय स्थान पर रही  काशवी जैन को 1 हजार रूपए नगद एवं ट्रॉफी प्रदान किया गया।  प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को मेडल एवं ई-सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया। स्पर्धा में दोनों वर्गों में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले ओपन एवं बालिका वर्ग के खिलाड़ी राज्य शतरंज चैंपियनशिप में दुर्ग जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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इस अवसर पर मुख्य अतिथि  नीलम चंद सांखला ने अपने उद्बोधन में कहा कि शतरंज केवल एक खेल नहीं, बल्कि मस्तिष्क को सक्रिय, सजग एवं सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं बचपन में सब-जूनियर शतरंज प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं तथा पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि शतरंज बच्चों में एकाग्रता, धैर्य, तार्किक सोच एवं निर्णय क्षमता का विकास करता है तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होता है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में समाजसेवी कैलाश जैन 'बरमेचा' ने कहा कि वर्तमान समय में शतरंज जैसी बौद्धिक प्रतियोगिताओं को जिस प्रकार प्रोत्साहन मिल रहा है, वह बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत सुखद संकेत है। उन्होंने जिला शतरंज संघ दुर्ग की प्रशंसा करते हुए कहा कि संघ के  प्रयासों से जिले के बच्चों को स्थानीय स्तर पर ही उत्कृष्ट प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिल रहा है। इससे बच्चों का बौद्धिक, मानसिक एवं व्यक्तित्व विकास हो रहा है और वे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती मंजू जैन 'बरमेचा' ने कहा कि शतरंज बच्चों में अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच का विकास करने वाला श्रेष्ठ खेल है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों की प्रतिभा को निखारने तथा उन्हें नई दिशा देने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए जिला शतरंज संघ के प्रयासों की सराहना की। 
   स्पर्धा के मुख्य निर्णायक फीडे आर्बिटर अनिल शर्मा थे। सह निर्णायक के रूप में दिव्यांशु उपाध्याय, मुदिता पांडे, विक्रम सिंह राजपूत ने सफलतापूर्वक मैच संपन्न कराने में योगदान दिया। संघ के पदाधिकारियों द्वारा सर्वप्रथम अतिथियों का स्वागत एवं अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। संघ के  दिनेश जैन,गुलाब चौहान का आयोजन में विशेष योगदान रहा।
समारोह के दौरान खिलाड़ियों, अभिभावकों एवं खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन को सफल बनाने में जिला शतरंज संघ के पदाधिकारियों, निर्णायकों, स्वयंसेवकों एवं खालसा एजुकेशन सोसायटी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन सचिव तुलसी सोनी एवं आभार अध्यक्ष ईश्वर सिंह राजपूत ने किया।

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