-“पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें वृक्ष बनाना भी हमारा संकल्प है” - धीरज बाकलीवाल

दुर्ग । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरण के उद्देश्य से शहर के प्रमुख मंदिरों में तुलसी के पौधे भेंट कर एक विशेष अभियान चलाया गया। अभियान की शुरुआत साईं बाबा मंदिर से की गई, जिसके पश्चात दुर्गा मंदिर, राम मंदिर, शीतला मंदिर, चंडी मंदिर सहित शहर के 11 प्रमुख मंदिरों में तुलसी के पौधे अर्पित कर पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति संवर्धन का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर के अध्यक्ष एवं पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल ने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक अभियान नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ी अनिवार्य आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग उत्साहवश बड़ी संख्या में पौधारोपण तो कर देते हैं, लेकिन उनके संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी नहीं निभाते। वास्तविक पर्यावरण सेवा तभी सार्थक होगी जब लगाए गए पौधों को संरक्षित कर वृक्ष बनने तक उनका पालन-पोषण किया जाए।
श्री बाकलीवाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता एवं संसाधनों के अनुरूप पौधारोपण करना चाहिए तथा उनकी देखभाल का संकल्प भी लेना चाहिए। केवल पौधे लगाने से पर्यावरण सुरक्षित नहीं होगा, बल्कि उन्हें जीवित रखकर विकसित वृक्ष बनाना ही सबसे बड़ी पर्यावरणीय जिम्मेदारी है। एक विकसित वृक्ष सैकड़ों पौधों के बराबर पर्यावरण को लाभ पहुंचाता है।
उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष 05 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराता है। पेड़-पौधे मानव जीवन के आधार हैं। वे हमें प्राणवायु प्रदान करते हैं, वातावरण को शुद्ध करते हैं, जलवायु संतुलन बनाए रखते हैं तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इनके बिना स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की कल्पना संभव नहीं है।

श्री बाकलीवाल ने भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे यहां वृक्षों और पौधों को सदैव पूजनीय माना गया है। तुलसी का पौधा धार्मिक, सांस्कृतिक एवं औषधीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह न केवल पर्यावरण को शुद्ध करता है बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इसी भावना के साथ विश्व पर्यावरण दिवस पर मंदिरों में तुलसी के पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का संदेश देने का प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। बढ़ता प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन आज पूरी मानवता के समक्ष गंभीर चुनौती बनकर खड़े हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
मुकेश राठी ने कहा कि तुलसी भारतीय परिवारों की परंपरा और संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है। मंदिरों में तुलसी के पौधे अर्पित करने का उद्देश्य केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति भावनात्मक जुड़ाव उत्पन्न करना है ताकि वे पौधों के संरक्षण को अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझें।
इस अवसर पर उपस्थित कांग्रेसजनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया तथा नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग शहर ने यह संदेश दिया कि “एक पौधा लगाना पुण्य है, लेकिन उसे वृक्ष बनाना सबसे बड़ा पर्यावरण धर्म है।”
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