ब्रेकिंग

मुहम्मद जाकिर हुसैन की पुस्तक “भिलाई जिंदाबाद” पर हुई सारगर्भित परिचर्चा का आयोजन

773270520260630301001319649.jpg

-भिलाई का एक छोटे गांव से मिनी भारत बनने की कहानी है पुस्तक "भिलाई जिंदाबाद" 
-भिलाई के औद्योगिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास का जीवंत इतिहास है पुस्तक "भिलाई जिंदाबाद" : डॉ महेशचन्द्र शर्मा 
भिलाई।
भिलाई वरिष्ठ नागरिक महासंघ के तत्वावधान में सियान सदन, वैशाली नगर में वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक मुहम्मद जाकिर हुसैन की नवीनतम पुस्तक “भिलाई जिंदाबाद (कुछ किस्से कुछ कहानियां)” पर एक गरिमामयी एवं विचारोत्तेजक परिचर्चा का आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता लब्धप्रतिष्ठित साहित्यकार आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने की। वरिष्ठ पत्रकार राजेन्द्र सोनबोईर, लाइफ एंड पैरेंटिंग कोच चिरंजीव जैन, पुस्तक के लेखक व पत्रकार मुहम्मद जाकिर हुसैन एवं भिलाई वरिष्ठ नागरिक महासंघ के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन विशेष रूप से उपस्थित थे। 
    अपने संबोधन में आचार्य डॉ महेश चंद्र शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक केवल संस्मरणों अथवा घटनाओं का संकलन नहीं, बल्कि भिलाई के औद्योगिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास का जीवंत इतिहास है। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए विशिष्ट एवं  प्रमाणिक दस्तावेज बन गया है। पुस्तक में भिलाई की आत्मा बसती है। 
        परिचर्चा के आरंभ में महासंघ के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन ने लेखक का परिचय दिया और पुस्तक में समाहित विषयों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि लेखक ने भिलाई इस्पात संयंत्र की स्थापना की परिकल्पना, सोवियत संघ का तकनीकी सहयोग एवं क्रियान्वयन, क्रमिक उपलब्धियां, औद्योगिक दुर्घटनाओं, श्रमिक आंदोलनों, राजनीतिक एवं प्रशासनिक नेतृत्व, सामाजिक परिवर्तनों तथा विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं आदि का तथ्यपरक वर्णन किया है। यह पुस्तक भिलाई के संघर्ष और विकास की वास्तविक कहानी प्रस्तुत करती है। 
        विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार एवं दैनिक नवभारत के ब्यूरो प्रमुख राजेन्द्र सोनबोइर ने कहा कि जाकिर हुसैन की लेखनी में पत्रकार की पारखी नजर और लेखक की संवेदना दोनों है। उनकी जीवटता, समर्पण एवं श्रमसाध्य कार्य उनको अन्य लेखकों एवं पत्रकारों से अलग बनाती है। उनकी पुस्तक शोधार्थियों के लिए दस्तावेज का काम करेगी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जाकिर हुसैन की लेखनी जारी रहेगी और नई नई पुस्तकों के रूप में प्रकाशित होती रहेगी। 
     विशिष्ट अतिथि लाइफ एंड पैरेंटिंग कोच चिरंजीव जैन ने कहा कि भिलाई ने एजुकेशन हब के रूप में भी ख्याति अर्जित किया है। यहां से निकले मेधावी विद्यार्थियों ने हर क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। भिलाई के विकास में संयंत्र कर्मियों के साथ ही शिक्षक, साहित्यकार, संस्कृति कर्मियों आदि का भी विशिष्ट योगदान रहा है। 
    कार्यक्रम में लेखक मुहम्मद जाकिर हुसैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि भिलाई की विकास यात्रा का हर पड़ाव महत्वपूर्ण है। भिलाई जिंदाबाद” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि भिलाई की जीवंत स्मृतियों, संघर्षों, उपलब्धियों और मानवीय संवेदनाओं का दस्तावेज है। मैने इस पुस्तक के माध्यम से उस भिलाई को शब्दों में संजोने का प्रयास किया है, जिसने लाखों लोगों के सपनों को आकार दिया। उन्होंने पुस्तक को पसंद करने के लिए सभी पाठकों एवं सहयोग कर्ताओं का आभार व्यक्त किया। 
     वरिष्ठ नागरिक महासंघ की ओर से पुस्तक के लेखक मुहम्मद जाकिर हुसैन एवं सभी अतिथियों का अंगवस्त्र एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया गया। लेखक ने सियान सदन वैशाली नगर के लिए अपनी पुस्तक की 2 प्रतियां भेंट की। 
    कार्यक्रम में गायक जोसफ, संतोष शुक्ला एवं दिनेश गुप्ता द्वारा प्रस्तुत लोकप्रिय गीतों ने समां बांधा। इस अवसर पर मई माह में जन्मतिथि वाले वरिष्ठ नागरिकों रामबाबू गुप्ता, कुमार प्रसाद वर्मा, आर. डी. वर्मा का सियान एकता मंच द्वारा सम्मान किया गया। 
     परिचर्चा का संचालन महासंघ के अध्यक्ष घनश्याम कुमार देवांगन एवं आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता ने  किया।
     कार्यक्रम के अंत में विधायक रिकेश सेन के दिवंगत बड़े भाई स्व. दिनेश सेन, अतुल चंद साहू के दिवंगत पिता स्व. उत्तमचंद साहू एवं दिनेश गुप्ता के दिवंगत चाचा स्व. के.के. गुप्ता को दो मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। 
      कार्यक्रम में राधेश्याम प्रसाद, दिनेश कुमार गुप्ता, धानेश्वर कुमार निर्मल, हुकुमचंद देवांगन, शिवप्रसाद साहू, गंगाचरण पुरोहित, रामाधार दिण्डे, संतोष शुक्ला, राजेन्द्र परगनिहा, निर्मलचंद्र शर्मा, सुरेशचंद्र जैन, ओमप्रकाश साहू, महेश रतनानी, रमेशचंद्र बटघरे, अशोक जज्ञासी, रामाधार वर्मा, सुरेन्द्र राय, देवेन्द्र चौहान, सुहास जोशी, एम एल गोपाल, रामबाबू गुप्ता, लेखक जाकिर हुसैन की बेटियां इनाया और अनाबिया आदि सहित बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे। परिचर्चा के दौरान उपस्थितजनों ने पुस्तक को भिलाई की औद्योगिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक यात्रा का महत्वपूर्ण और संग्रहणीय दस्तावेज बताया।

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

logo.webp

स्वामी / संपादक- पवन देवांगन

- बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल : dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

NEWS LETTER
Social Media

Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.