दुर्ग। वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत में प्रदेशभर में कुल 7,92,401 मामलों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल 52,14,67,009.16 रुपये की अवार्ड राशि पारित हुई। नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति एवं मुख्य संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा जिला मुंगेली से किया गया। इस दौरान प्रदेश के सभी जिले वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े रहे।
माननीय मुख्य न्यायाधिपति ने लोक अदालत को आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बताते हुए सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और संबंधित विभागों से समन्वयपूर्वक कार्य करने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार तथा छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के निर्देशन में जिला न्यायालय दुर्ग, कुटुंब न्यायालय, व्यवहार न्यायालय भिलाई-3, पाटन, धमधा सहित किशोर न्याय बोर्ड, श्रम न्यायालय, स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं), राजस्व न्यायालय एवं उपभोक्ता फोरम में नेशनल लोक अदालत आयोजित की गई।
प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश दुर्ग द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी, न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, बैंक अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पक्षकार उपस्थित रहे।
लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 38 खंडपीठों का गठन किया गया। इनमें जिला न्यायालय दुर्ग हेतु 29, परिवार न्यायालय हेतु 3 तथा अन्य न्यायालयों हेतु अलग-अलग खंडपीठें गठित की गईं।
इस दौरान दाण्डिक, सिविल, पारिवारिक, मोटर दुर्घटना दावा, चेक अनादरण, बैंकिंग, विद्युत, दूरसंचार एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति एवं राजीनामे के आधार पर निराकरण किया गया। लोक अदालत में 17,906 न्यायालयीन प्रकरण एवं 7,75,129 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण हुआ।
बैंक, विद्युत एवं दूरभाष से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों में 70 लाख 78 हजार 899 रुपये की समझौता राशि तय हुई। वहीं लंबित मामलों में 511 दाण्डिक, 42 मोटर दुर्घटना दावा, 111 पारिवारिक, 381 चेक अनादरण, 41 व्यवहार वाद, 5 श्रम न्यायालय तथा 8,118 स्थायी लोक अदालत के मामलों का निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत के दौरान जिला न्यायालय परिसर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया, जिसमें न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। वहीं गुरुद्वारा शहीद बाबा दीप सिंह एवं श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा के सहयोग से निःशुल्क भोजन की व्यवस्था भी की गई। इसके अतिरिक्त केंद्रीय जेल दुर्ग द्वारा बंदियों द्वारा निर्मित “जेल उत्पाद” की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही।
महत्वपूर्ण मामलों का निराकरण ..
लोक अदालत में कई महत्वपूर्ण मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान हुआ। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के एक मामले में बीजापुर में पदस्थ एसआई आर्म्स सुनील कुमार ईलमकार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई कर 1 लाख 80 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की गई।
इसी प्रकार सुपेला थाना क्षेत्र के मारपीट एवं धमकी के एक मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता कर प्रकरण समाप्त किया गया। भिलाई नगर थाना क्षेत्र के एक अन्य आपराधिक मामले में जिला जेल बेमेतरा में निरुद्ध प्रार्थी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा कर समझौता कराया गया।
उतई थाना क्षेत्र के एक विवाद में भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समझाइश देकर दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई गई। वहीं भिलाई भट्टी थाना क्षेत्र के चोरी के मामले तथा सुपेला थाना क्षेत्र के वाहन विवाद से जुड़े प्रकरण भी आपसी सहमति से समाप्त किए गए। नेशनल लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों के त्वरित निराकरण से पक्षकारों को राहत मिली तथा वर्षों पुराने विवाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में समाप्त हुए।
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सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
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