होम / बड़ी ख़बरें / जल संरक्षण बना जन आंदोलन: “मोर गांव मोर पानी” अभियान से दुर्ग जिले में ऐतिहासिक उपलब्धि
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दुर्ग। कलेक्टर अभिजीत सिंह के नेतृत्व में जिले में चलाए जा रहे “मोर गांव मोर पानी” महाभियान ने जल संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। इस अभियान के तहत मात्र 15 दिनों के भीतर 32,058 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है।
यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता बल्कि जनभागीदारी, जागरूकता और श्रमदान की मिसाल बनकर सामने आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित घरों में इन संरचनाओं का निर्माण कर भूजल स्तर सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।
अभियान के दो चरणों में बड़ी सफलता
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग दुबे के मार्गदर्शन में “एकेच गोठ, एकेच बानी – बूंद-बूंद बचाबो पानी 2.0” अभियान की शुरुआत 13 मार्च 2025 को की गई।
प्रथम चरण: 2 घंटे में 1764 सोक पीट निर्माण कर गोल्डन बुक में दर्ज
द्वितीय चरण: 8 दिसंबर को 12,418 सोक पीट का निर्माण
कुल: 14,182 सोक पीट स्वप्रेरणा से बनाए गए
इसके अलावा अभियान के तहत
23,889 कंटूर ट्रेंच एवं वाटर एब्जॉर्प्शन ट्रेंच
817 रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम
6,676 सोक पीट
48 ग्राम तालाब
5875 कंटूर ट्रेंच, 537 रिचार्ज पीट, 5 रिचार्ज शॉफ्ट सहित अन्य संरचनाएं का निर्माण किया गया है।
मनरेगा से मिला जनभागीदारी को बल
मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी दी गई और सभी 32,058 संरचनाओं की पोर्टल में एंट्री भी की गई है। इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हुई है।
भविष्य के लिए जल सुरक्षा की मजबूत नींव
लगभग 4x4 फीट के औसत आकार वाले इन संरचनाओं से हर वर्ष वर्षा ऋतु में हजारों लीटर पानी का संग्रहण संभव होगा। इससे
भूजल स्तर में सुधार
जल संकट में कमी
स्थायी जल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा
जनसहभागिता से बना जन आंदोलन
इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि ग्रामीणों ने स्वयं आगे बढ़कर श्रमदान किया, जिससे यह पहल एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे “हर घर जल संचय” के लक्ष्य को पूरा करने के लिए अपने घरों और गांवों में अधिक से अधिक जल संरक्षण संरचनाएं बनाएं और इस महाभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
यह अभियान साबित करता है कि जब प्रशासन और जनता एक साथ संकल्प लेते हैं, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है।
संपादक- पवन देवांगन
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