-मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भेजा ज्ञापन
भिलाई। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने जीवन दीप समिति में कार्यरत कर्मचारियों का भविष्य निधि कटौती करने की मांग रखी है। उन्होंने प्रदेश के मुख्य मंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मांग की है कि प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों जिसमें सभी जिलों के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मानदेय पर काम करने वाले इन कर्मचारियों का भविष्य निधि राशि नहीं कटती है। जबकि आज कल ठेकेदार के अधीन काम करने वाले ठेका श्रमिकों और गार्ड की ड्यूटी करने वाले सुरक्षा कर्मी जो किसी एजेंसी के अधीन होते उनकी भी भविष्य निधि कटौती होती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के जीवन दीप समिति के कर्मचारियों का दुर्भाग्य है कई वर्षों से काम करने के बावजूद भी उनका भविष्य आर्थिक रूप से सुरक्षित नहीं है। हालांकि इन कर्मचारियों में वार्ड ब्वाय, आया, स्वीपर, सफाई कर्मचारी, अटेंडेंट, ओटी अटेंडेंट, ऑफिस में कम्प्यूटर ऑपरेटर जैसे पदों में काम करते हैं। इनसे नियमित कर्मचारियों जैसे काम लेते हैं। प्रदेश महामंत्री सैय्यद असलम ने कहा कि न्यूनतम मानदेय 3000 प्रति और अधिकतम 9000 तक मानदेय मिलता है। लेकिन पी एफ की कटौती का कोई रास्ता सरकार ने नहीं निकाला है।
सैय्यद असलम ने कहा कि कोई जीवन दीप समिति का कर्मचारी एक आयु सीमा तक काम करता ओर अंतत विभाग से उनकी बढ़ती उम्र को देखते हुए काम से निकाल दिया जाता है तो उसके पास जमा राशि कुछ भी नहीं होगी। हालांकि सरकारी कर्मचारियों व संविदा कर्मी अथवा ठेके पद्धति पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी सेवानिवृत्त पर एक अच्छी जमा राशि मिलती है।
जिससे वे बच्चों के वैवाहिक कार्यक्रम,आवास निर्माण अथवा अन्य आवश्यक कार्य में लगा सकते है। सैय्यद असलम ने सभी प्रदेश के जिम्मेदार लोगों स्वास्थ्य सचिव, संचालक स्वास्थ्य सेवाओं और आयुक्त स्वास्थ्य सेवाएं से मांग की है कि प्रति माह इन कर्मचारियों के मानदेय से 300 रुपये प्रतिमाह कटौती की जाए और इन्हें नियमित नियुक्ति करने कदम उठाए जाएं।
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