दुर्ग। जिला अस्पताल दुर्ग में चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने नवजात शिशु को नया जीवन प्रदान करने में एक बार फिर से बड़ी सफलता प्राप्त की। अंजोरा निवासी श्रीमती ममता जांगड़े पति श्री शेखर के यहां 4 फरवरी 2026 को एक समयपूर्व नवजात शिशु का जन्म हुआ, जिसका वजन जन्म के समय मात्र 900 ग्राम था। शिशु की हालत बेहद गंभीर थी और उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी। चिकित्सकीय जांच में नवजात को रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम से पीड़ित पाया गया। स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई में भर्ती कर वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। नवजात शिशु देखभाल इकाई इंचार्ज पीडियाट्रिशियन डॉ. वाई. किरण कुमार के नेतृत्व में शिशु के फेफड़ों में सर्फैक्टेंट थेरेपी दी गई, जिसमें डीएनबी रेजिडेंट डॉ. हेमंत सिंह ने सहयोग किया।
जिला अस्पताल से प्राप्त जानकारी अनुसार उपचार के दौरान शिशु को आवश्यकतानुसार पीआरबीसीएस (रक्त) चढ़ाया गया, आईव्ही एंटीबायोटिक्स सहित अन्य जरूरी दवाएं दी गईं। साथ ही नियमित आरओपी स्क्रीनिंग, पोषण प्रबंधन और निरंतर मॉनिटरिंग की गई। लगभग 50 दिनों तक चले गहन उपचार के बाद शिशु की स्थिति में लगातार सुधार हुआ। वर्तमान में शिशु पूरी तरह स्वस्थ है और उसका वजन बढ़कर 1.8 किलोग्राम हो गया है। चिकित्सकों ने संतोष व्यक्त करते हुए शिशु को अस्पताल से छुट्टी दे दी है।
इस सफलता में शिशु रोग विभाग के प्रमुख डॉ. आर. के. मल्होत्रा, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत कुमार साहू, डॉ. वाई. किरण कुमार, नवजात शिशु देखभाल इकाई मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष साहू, डॉ. पूजा, डॉ. आलोक सहित नर्सिंग स्टाफ और सहयोगी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आशीषन मिन्ज ने इस उपलब्धि पर पूरी नवजात शिशु देखभाल इकाई टीम को बधाई दी।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.