
अंडा/ दुर्ग (मोरज देशमुख)। गर्मी की शुरुआत होते ही ग्राम झोला स्थित शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से गिरने लगा है। हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में यह नदी पूरी तरह सूख सकती है, जिससे राजनांदगांव ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ दुर्ग-भिलाई शहर की पेयजल व्यवस्था पर भी संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है। वर्षों से यह नदी आसपास के गांवों और शहरी क्षेत्रों के लिए जीवनरेखा रही है।
झोला में निर्मित पानी टंकी और सोमनी फिल्टर प्लांट के माध्यम से नवागांव, बघेरा, भाटागांव, बैगाटोला, अचानकपुर, फुलझर, मगलोटा, कोपेडीह, फरहद, काकरेल, इंदावानी, पर्मल्कासा सहित करीब 16 गांवों में पेयजल सप्लाई की जाती है। इसके अलावा शिवनाथ नदी का पानी दुर्ग-भिलाई शहर की जलापूर्ति व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण स्रोत है।
लेकिन नदी में तेजी से घटते जलस्तर के कारण इस पूरी सप्लाई व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, अभी भीषण गर्मी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई है और नदी का पानी तेजी से कम हो रहा है। यदि जल्द ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो हजारों ग्रामीणों के साथ शहरी आबादी को भी पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
क्षेत्र में पानी की कमी को लेकर चिंता लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों के साथ-साथ अब शहरवासियों की नजर भी प्रशासन पर टिकी हुई है कि इस संभावित संकट से निपटने के लिए समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आने वाले दिनों में संभावित जल संकट को टाला जाए।
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