छत्तीसगढ़

मिड-डे मील हड़ताल पर सख्त प्रशासनिक आदेश, संचालन बाधित होने पर समूहों पर होगी कार्रवाई

60130012026124103whatsappimage2026-01-30at6.09.07pm.jpeg

रायपुर,(मोरज देशमुख)। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना (मिड-डे मील) को लेकर चल रही रसोईयों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि रसोईयों की अनुपस्थिति के कारण भोजन निर्माण में बाधा आती है, तो वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करना संचालनकर्ता समूहों की जिम्मेदारी होगी। जारी आदेश के अनुसार, रसोईयों के हड़ताल पर रहने की स्थिति में यदि मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन प्रभावित होता है, तो इसके लिए केवल रसोईयों को ही नहीं बल्कि संचालनकर्ता समूहों को भी समान रूप से जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित संचालनकर्ता समूह के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। आदेश में संचालनकर्ता समूह को हटाने, कुर्की कास्ट (खर्च मद) में कटौती तथा मानदेय में कटौती जैसे दंडात्मक प्रावधानों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है।
स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय द्वारा यह आदेश प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को भेजा गया है, ताकि जिले स्तर पर इसकी सख्ती से निगरानी और पालन सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि मध्यान्ह भोजन योजना बच्चों के पोषण और उपस्थिति से सीधे जुड़ी हुई है, इसलिए इसके संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं इस आदेश को लेकर रसोइया संघ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। संघ ने प्रशासन के इस कदम को तानाशाही करार देते हुए कहा है कि यह आदेश हड़ताल को जबरन समाप्त कराने की साजिश है। संघ का आरोप है कि दबाव बनाकर उनके लोकतांत्रिक आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। रसोइया संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि एक ओर शिक्षा मंत्री उनकी मांगों को जायज बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारी कठोर और दमनात्मक आदेश जारी कर रहे हैं, जो पूरी तरह विरोधाभासी है।
संघ ने यह भी कहा कि रसोईया पहले से ही बेहद कम मानदेय में काम कर रही हैं और वर्षों से वेतन वृद्धि, नियमितीकरण तथा सामाजिक सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें डराने-धमकाने की नीति अपनाई जा रही है। गौरतलब है कि प्रदेश में पिछले 30 दिनों से अधिक समय से लगभग 86 हजार रसोईया अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसका सीधा असर सरकारी स्कूलों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना पर पड़ रहा है। कई जिलों में बच्चों को भोजन नहीं मिल पा रहा है, जिससे योजना के पूरी तरह ठप होने की स्थिति बनती जा रही है। स्थिति को देखते हुए अब यह मामला प्रशासन और रसोइया संघ के बीच टकराव का रूप लेता जा रहा है। एक ओर सरकार बच्चों के हित में योजना को सुचारू रखने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर रसोईया अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर अड़ी हुई हैं। आने वाले दिनों में इस विवाद के समाधान को लेकर सरकार क्या कदम उठाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

logo.webp

स्वामी / संपादक- पवन देवांगन

- बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल : dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

NEWS LETTER
Social Media

Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.