भिलाई। कुहुकी एवं लोक रागिती सांस्कृतिक संस्था की ओर से संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से दस दिवसीय लोक वाद्य कार्यशाला-शिविर का आयोजन 14 जून से 23 जून तक किया जा रहा है। कुहुकी कलाग्राम संग्रहालय परिसर मरोदा सेक्टर मैत्री बाग के बाजू में होने वाली इस कार्यशाला के संबंध में लोकवाद्य संग्राहक रिखी क्षत्रिय ने बताया कि यहां खंजेरी, तंबूरा, गतका, तुरही, चरहे, चिटकुली, कुहुकी और रूंजु आदि वाद्य बनाना कार्यशाला में सिखाया जाएगा।
कार्यशाला का उद्घाटन 14 जून को शाम 05 बजे होगा। हर आयुवर्ग विशेषकर युवा इस कार्यशाला में हिस्सा ले सकते हैं। यहां बेल मेटल के लिए बनिया पारा कोंडागांव से शिबू कश्यप, लौह शिल्प के लिए ग्राम दहीकोंगा से रामदास, मिट्टी शिल्प के लिए मरारपारा कोंडागांव से डमरु चक्रधारी, काष्ठ कला के लिए दीपक तारम लोहारा, बिजेलाल, राजनांदगांव जिले से पन्ना लाल डोंगरगढ़ से, रुंझू के लिए गाड़ाडीह से नंद कुमार देवार, डोरे लाल, तंबूरा-रामकुमार पाटिल रनचिरई से प्रशिक्षण देंगे। कार्यशाला रोजाना सुबह 7 से 11 बजे एवं शाम 5 से 8 बजे तक चलेगी। इच्छुक प्रतिभागी इस कार्यशाला में शामिल हो सकते हैं।
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