होम / बड़ी ख़बरें / आर्य वीर दल ने मनाया अपना 97 वाँ स्थापना दिवस
बड़ी ख़बरें
दुर्ग। इतिहास में कई संगठनों का जन्म जनाक्रोश एवं राष्ट्रीय आंदोलनों के कारण हुआ है आर्य वीर दल की स्थापना भी कुछ इसी प्रकार हुई। संगठन ने अपना 97 वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर नगर में भिन्न भिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए। आर्य वीर एवं वीरांगनाओं द्वारा ध्वजारोहण, भव्य पथ संचलन , नगर भ्रमण, व्यायाम प्रदर्शन एवं घोष की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर आर्य वीर दल का इतिहास संगठन के पूर्व के अधिकारियों के शौर्य एवं देशभक्ति को याद कर मनाया गया। प्रस्तावना में 1927 में आर्य रक्षा समिति के गठन के परिणामस्वरूप 26 जनवरी 1929 में आर्य वीर दल के स्थापना तक के इतिहास पर विचार प्रकट किए गए साथ ही सेवा कार्य संस्कृति रक्षा शक्ति संचय के उद्देश्यों के पीछे के कारण को बताया गया। आर्य वीर दल का संगठन 97 वर्ष हो जाने के कारण सालभर के भिन्न भिन्न योजनाओं को बताया गया एवं सभी ने संकल्प लिया कि वे अपने संस्कार में आर्य समाज लायेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सभा के मंत्री अवनी भूषण पुंरग रहे, जिन्होंने सभी आर्य वीर एवं वीरांगनाओं को स्थापना दिवस की बधाई देते हुए हैदराबाद आंदोलन में हैदराबाद को स्वतंत्र करने में आर्य वीर दल के योगदान एवं आर्य समाज भूमिका पर प्रकाश डालते हुए भारत के प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल जी को नमन किया एवं भारत के विभाजन में आर्य समाज एवं आर्य वीर दल के सेवा कार्य की प्रशंसा की। कार्यक्रम मंत्री रवि आर्य जी ने सभी आर्य वीर वीरांगनाओं के अनुशासन को नमन किया एवं कार्यक्रम के आयोजन हेतु सभी अधिकारियों की प्रशंसा की। ध्वजारोहण निषाद समाज के अध्यक्ष विष्णु निषाद ने किया एवं उन्होंने अधिकारियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया जिन्होंने उन्हें ध्वजारोहण के योग्य समझा। आर्यवीर दल का कार्यक्षेत्र विदेश में भी बढ़ता जा रहा है । भारत के सभी प्रान्तों में आर्यवीर दल की हजारों शाखायें चल रही हैं । त्यागी, तपस्वी और आजन्म ब्रह्मचारी रहने का संकल्प लेकर अनेक युवक कार्य कर रहे हैं । आर्य समाज के प्रहरी बनकर देव दयानन्द के सन्देश को समस्त विश्व में पहुंचाना ही आर्यवीर दल का संकल्प है।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.