दुर्ग। जहाँ एक ओर आम आदमी आधुनिक एवं भौतिक सुख-सुविधाओं की बढ़ती उपयोगिता के कारण बढ़ते बिजली बिलों से परेशान है, वहीं दुर्ग जिले के मोहलाई गाँव के निवासी हरिहर प्रसाद देवांगन ने एक मिसाल पेश की है। सोलर पैनल की तकनीक अपनाकर उन्होंने पिछले एक साल से बिजली बिल के रूप में एक भी रुपया नहीं चुकाया है। आज वे खुद बिजली बनाकर विभाग को बेच रहे हैं।
हरिहर जी बताते हैं कि पहले उनका बिजली बिल सामान्य दिनों में तीन से चार हजार और गर्मियों में पॉंच हजार रुपये तक पहुँच जाता था। समाचार पत्रों में सोलर योजना के बारे में पढ़कर उन्हें प्रेरणा मिली और उन्होंने अपने घर की छत पर 6 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगवाया।
आँकड़ों में उनकी सफलता की चमक साफ नजर आती है। उनके द्वारा लगाये गये सोलर पैनल द्वारा नवंबर 2024 से जनवरी 2026 तक कुल बिजली उत्पादन 8,926 यूनिट तथा विद्युत विभाग को एक्सपोर्ट 5,766 यूनिट किया गया। श्री हरिहर को बिजली बिल में कुल बचत/फायदा ₹29,178 हुआ एवं वर्तमान में इनका बिजली का बिल रू ₹0 (शून्य) आ रहा है।
इस प्लांट को लगाने में इनको लगभग 4 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें सरकार की ओर से सब्सिडी का लाभ भी मिला। वित्तीय भार कम करने के लिए उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से लोन लिया।
हरिहर जी का कहना है कि एक साल से ऊपर हो जाने के बाद भी अभी तक कोई तकनीकी समस्या नहीं आई है। उन्हें सिस्टम पर पॉच साल की सर्विस वारंटी और सोलर पैनल पर 25 साल की लंबी गारंटी मिली है। श्री हरिहर का कहते हैं कि मैं चाहता हूँ कि आसपास के सभी लोग और कृषि क्षेत्र से जुड़े साथी इसे अपनाएँ। जब हर घर में बिजली का उत्पादन होगा, तो सबको निर्बाध बिजली मिलेगी। मुझे गर्व है कि अब मैं बिजली उपभोक्ता नहीं, बल्कि बिजली उत्पादक बन गया हूँ।
छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, दुर्ग क्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय खंडेलवाल ने कहा कि उपभोक्ता जितनी जल्दी हो सके, सौर ऊर्जा को अपनाएं। यह तकनीक पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें किसी भी तरह की तकनीकी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। बस पैनल को साफ रखें, और वह आपको भरपूर बिजली देता रहेगा।
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