दुर्ग। कैलाश नगर, दुर्ग में विप्रन संघ को-ऑपरेटिव सोसायटी के समीप रहने वाले गरीब परिवारों के दो मकानों को तोड़े जाने का मामला सामने आया है। इन मकानों को लोगों ने करीब 4-4 लाख रुपये की अपनी जीवनभर की जमा पूंजी से बनवाया था। मकान टूटने के बाद अब ये परिवार बेघर हो चुके हैं और किराए के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को लेकर पीड़ित महिलाएं एवं परिवार वरिष्ठ नेता अरुण वोरा के पास पहुँचे और अपनी पीड़ा उनके समक्ष रखी। पीड़ितों ने बताया कि वे वर्षों तक किराए के मकानों में रहकर, थोड़ी-थोड़ी बचत कर अपने सपनों का आशियाना बना पाए थे, जिसे अब तोड़ दिया गया।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुण वोरा ने कहा-“हम सवारते और बसाते हैं, उजाड़ते नहीं। गरीबों के आशियानों को इस तरह तोड़ा जाना अमानवीय है।”
अरुण वोरा ने इस विषय को लेकर जिला कलेक्टर से भी बातचीत की और उनसे आग्रह किया कि इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेकर प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए ऐसे परिवारों के पुनर्वास एवं उचित समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए।
स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में किसी भी कार्रवाई से पहले वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कोई भी परिवार बेघर न हो।
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