रायपुर, (मोरज देशमुख)। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सभी राशनकार्डधारी परिवारों के प्रत्येक सदस्य का आधार आधारित eKYC कराना अनिवार्य किया गया है। जिन परिवारों के कुछ सदस्यों का eKYC अब तक नहीं हुआ है, वे शीघ्र ही अपनी नजदीकी शासकीय उचित मूल्य (राशन) दुकान में जाकर eKYC करवा लें, नहीं तो भविष्य में राशन नहीं मिलेगा।
खाद्य विभाग के अनुसार जिले में कुल 22,04,430 राशनकार्डधारी सदस्यों में से 18,67,768 सदस्यों का eKYC पूरा हो चुका है, जबकि अभी भी 3,36,662 सदस्यों का eKYC शेष है। विभाग ने शेष सदस्यों से समय रहते eKYC कराने की अपील की है
फिंगरप्रिंट नहीं आने पर घबराने की जरूरत नहीं
कई मामलों में नागरिकों के फिंगरप्रिंट मशीन में नहीं आ पाते हैं। ऐसे में घबराने की आवश्यकता नहीं है। शासन ने फेस ऑथेंटिकेशन अथवा अन्य वैकल्पिक सत्यापन व्यवस्था उपलब्ध कराई है। इसके लिए संबंधित राशन दुकान से संपर्क किया जा सकता है।
राशन दुकानदारों को दिए गए निर्देश
सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानदारों को निर्देशित किया गया है कि जिन राशनकार्डधारी सदस्यों का eKYC शेष है, उनकी सूची अपने पास रखें और इसकी जानकारी संबंधित पार्षद, सरपंच एवं सचिव को उपलब्ध कराएं। साथ ही अपने क्षेत्र में लोगों को eKYC के लिए लगातार जागरूक करें।
आम नागरिकों से अपील
विभाग ने सभी राशनकार्डधारी परिवारों से अपील की है कि वे अपने परिवार के शेष सभी सदस्यों का eKYC समय पर अवश्य करवा लें। निर्धारित समय तक eKYC नहीं होने की स्थिति में संबंधित सदस्य का नाम अस्थायी रूप से राशनकार्ड से हटाया जा सकता है, जिससे राशन प्राप्त करने में समस्या हो सकती है।
मृत अथवा विवाह के बाद अलग रहने वाले सदस्यों की जानकारी आवश्यक
यदि राशनकार्ड में दर्ज कोई सदस्य मृत हो गया है अथवा विवाह के बाद अलग निवास कर रहा है तो परिवार को आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित राशन दुकान या स्थानीय निकाय कार्यालय नगर पंचायत, नगर पालिका, ग्राम पंचायत में जानकारी देकर नाम हटाने की प्रक्रिया पूर्ण करनी चाहिए, ताकि रिकॉर्ड अद्यतन किया जा सके।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.