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-ई-केवाईसी, भूमि एवं आधार सीडिंग पूर्ण करने पर पीएम किसान की किस्त सुनिश्चित
दुर्ग। राष्ट्रीय पेसा दिवस के अवसर पर संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं आयुक्त मनरेगा तारण प्रकाश सिन्हा दुर्ग जिले की 300 ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्रामसभाओं में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को शासन की महत्वाकांक्षी वीबी-जी राम जी योजना की विस्तृत जानकारी दी।
श्री सिन्हा ने बताया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मनरेगा को उन्नत कर वीबी-जी राम जी योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के अंतर्गत अब ग्रामीणों को 125 दिवस का रोजगार मिलेगा, जबकि पूर्व में मनरेगा के तहत 100 दिवस का रोजगार दिया जाता था।
जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने ग्रामसभा को संबोधित करते हुए बताया कि हितग्राहियों को 25 दिवस का अतिरिक्त रोजगार मनरेगा के अंतर्गत प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन के संकल्प के अनुरूप अब गांवों का विकास सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से सुनियोजित और व्यवस्थित ढंग से किया जाएगा।
-गांवों में होंगे बहुआयामी विकास कार्य ...
योजना के अंतर्गत जल जीवन मिशन से जुड़ी पेयजल आपूर्ति की मरम्मत एवं देखरेख, जल संरक्षण कार्य, स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार, मंगल भवन निर्माण, आजीविका से जुड़े कार्य, लखपति दीदियों के लिए आवास, खेती-किसानी से संबंधित कार्य, डबरी निर्माण सहित अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे। इससे ग्रामीणों की आजीविका सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत किए जाने वाले सभी कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना का हिस्सा होंगे। इनमें जल सुरक्षा, मूलभूत ढांचा, आजीविका आधारित अवसंरचनाएं तथा जलवायु परिवर्तन एवं प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों से बचाव से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
-तकनीक आधारित ग्राम विकास योजना ...
जी-राम-जी योजना के तहत ग्राम पंचायत स्तर पर तकनीक आधारित कार्ययोजना तैयार की जाएगी। पंचायतों की भौगोलिक स्थिति, नगरीकरण की दिशा एवं स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को पीएम गतिशक्ति एवं राष्ट्रीय स्थानिक योजना प्रणालियों से जोड़ा जाएगा।
-खेती के समय कृषि को प्राथमिकता ..
बुवाई एवं कटाई के व्यस्त समय में कृषि श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को एक वित्तीय वर्ष में 60 दिनों की अवधि अधिसूचित करने की छूट दी गई है, जिससे किसानों को समय पर पर्याप्त श्रम उपलब्ध हो सके।
-कार्य न मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता ..
यदि किसी ग्रामीण परिवार को मांग के बाद निर्धारित समय-सीमा में कार्य उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो राज्य सरकार द्वारा बेरोजगारी भत्ता प्रदान किया जाएगा, जिससे श्रमिकों के अधिकार सुरक्षित रहेंगे।
-पंचायती राज व्यवस्था होगी सशक्त..
जी-राम-जी अधिनियम के तहत ग्राम पंचायत प्राथमिक कार्यान्वयन इकाई होगी। श्रमिकों का पंजीकरण, रोजगार कार्ड जारी करना तथा कम से कम 50 प्रतिशत कार्यों का निष्पादन ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाएगा। ग्रामसभाएं नियमित सामाजिक अंकेक्षण करेंगी, जबकि जनपद एवं जिला पंचायतें योजना के समेकन, पर्यवेक्षण एवं निगरानी की जिम्मेदारी निभाएंगी।
-तकनीक से पारदर्शिता और जवाबदेही
मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुबे ने बताया कि अधिनियम के अंतर्गत बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण, स्पेशियल टेक्नोलॉजी आधारित योजना, मोबाइल डैशबोर्ड से निगरानी एवं साप्ताहिक सार्वजनिक प्रकटीकरण जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं के माध्यम से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सामाजिक अंकेक्षण तंत्र को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है।
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