होम / छत्तीसगढ़ / मणिपुर में शहीद हुआ बस्तर का लाल : तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, तिरंगे से लिपटकर गांव पहुंचा रंजीत कश्यप का पार्थिव शरीर, अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़
छत्तीसगढ़
बस्तर. मणिपुर में हुए उग्रवादी हमले में बस्तर का लाल रंजीत सिंह कश्यप शहीद हो गया. आज शहीद रंजीत का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर गृहग्राम गांव बालेंगा पहुंचा. पूरा गांव शहीद की अंतिम यात्रा का साक्षी बना. इस दौरान गांव की गलियां शहीद रंजीत अमर रहे के नारों से गूंज उठीं. हर आंख नम थी, हर दिल गर्व और गम के मिले-जुले भाव से भरा हुआ था.
मंत्री केदार कश्यप, स्थानीय विधायक लखेश्वर बघेल, कलेक्टर हरीश एस और एसपी शलभ सिन्हा सहित प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी गांव पहुंचकर शहीद रंजीत सिंह कश्यप को श्रद्धांजलि दी.
दरअसल 19 सितंबर को मणिपुर के विष्णुपुर जिले में 33 असम राइफल्स के काफिले पर हमला हुआ था. उसी हमले में रंजीत ने अपने प्राणों की आहुति दे दी. 2016 में असम राइफल्स से जुड़ने वाले रंजीत अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे. परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां हैं, जिनमें से सबसे छोटी मासूम अभी केवल चार महीने की है.
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