-महर्षि दयानंद सरस्वती की प्रथम भाषा संस्कृत थी: अवनी भूषण
-नीलू जैन को मिला आर्य महिला रत्न सम्मान
-आचार्य डॉ. अजय आर्य बने अध्यात्म पथ पत्रिका के सह-संपादक
दुर्ग। आर्य समाज सेक्टर-6 में संस्कृत मित्र मंडल द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्य समाज के प्रधान अवनी भूषण पुरंग का अभिनंदन मंडल की अध्यक्षा आभा चौरसिया और मंडल के सदस्यों द्वारा किया गया।
-संस्कृत हमारी सांस्कृतिक धरोहर है
अपने विचार व्यक्त करते हुए अवनी भूषण ने कहा कि संस्कृत के प्रति हमारी और आर्य समाज की प्रतिबद्धता में कोई संदेह नहीं है। महर्षि दयानंद सरस्वती की प्रथम भाषा संस्कृत थी। वे आरंभ में अपने प्रवचन संस्कृत में ही दिया करते थे, किंतु अधिकाधिक जन तक संदेश पहुँचाने के लिए उन्होंने हिंदी का प्रयोग किया और इसे राष्ट्रीय एकता का आधार बताया।
-नीलू जैन को आर्य महिला रत्न सम्मान
समारोह के दौरान आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री (अध्यात्म पत्रिका, नई दिल्ली) ने शहर की जानी-मानी अंग्रेज़ी भाषा की विदुषी नीलू जैन को आर्य महिला रत्न सम्मान प्रदान किया। इस अवसर पर उन्हें मानपत्र, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
नीलू जैन ने संकल्प लिया कि वे आर्य समाज के मंतव्य विचारों को तथा आचार्य चंद्रशेखर शास्त्री की पुस्तकों और डॉ. अजय आर्य के लेखों को अंग्रेज़ी में अनूदित करके प्रस्तुत करेंगी।
-डॉ. अजय आर्य बने सह-संपादक
आर्य समाज के मंत्री प्रवीण गुप्ता ने बताया कि आर्य समाज से जुड़े वैदिक विद्वान आचार्य डॉ. अजय आर्य को अध्यात्म पथ पत्रिका, नई दिल्ली का सह-संपादक नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि आचार्य जी अब तक लगभग आठ पुस्तकें, सैकड़ों लेख और शोध लेख लिख चुके हैं तथा उनकी कविताएँ भी प्रकाशित होती रहती हैं।
-390 विद्यार्थियों और 60 से अधिक शिक्षकों का सम्मान
संस्कृत मित्र मंडल की अध्यक्षा आभा चौरसिया ने बताया कि इस वर्ष लगभग 390 विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र वितरित किए गए तथा 60 से अधिक संस्कृत शिक्षकों को एक ही मंच पर सम्मानित किया गया। दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के लगभग सभी सीबीएसई विद्यालयों ने इस समारोह में सहभागिता दर्ज की।
-संस्कृत, संस्कृति और संस्कार पर विशेष बल
समारोह के अंत में डॉ अजय आर्य ने कहा- कि संस्कृत मित्र मंडल अपने त्रि-सूत्री कार्यक्रम - संस्कृत, संस्कृति और संस्कार - के लिए आगे बढ़ रहा है। छात्रों एवं शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करते हुए शहर में संस्कृत के प्रति उदासीनता को समाप्त कर रचनात्मक ऊर्जा का सृजन करना मंडल का प्रमुख उद्देश्य है।
-सम्मानित सहभागी शिक्षकगण
कार्यक्रम के आयोजन संयोजन में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले सहभागी शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
अजय कुमार, अलका चौधरी, अनामिका मणिकपुरी, डॉ. अजय आर्य, आभा चौरसिया, अनुपमा उपाध्याय, अनुगता अवस्थी, अमित कुमार मिश्रा, अभा नेवलकर, आशा यादव, इश्वरी देवांगन, उपाध्याय प्रतिमा (प्रतिमा पांडेय), कौर जसविंदर, चन्द्र प्रकाश आर्य, धात्री साहू, धीरज मणि आर्य, डॉ. वागीश चन्द्र त्रिपाठी, प्रीति भट्ट, प्रमिला नाइक, फ्रांसिस जॉली थॉमस (जॉली थॉमस), मनोरमा गुप्ता, मोहिनी लाड, राजेश्वरी वर्मा, रेखा पंड्या, सलिल भोई, संदीपा अरोड़ा, सन्तोष दहातोंडे, सुजाता आर्या, संतोष चौबे, सुमिता प्रकाश, सूर्य प्रकाश नायक, सूर्य प्रकाश नाएक, संजीव कुमार पंडा, आभा चौरसिया, वंदना सिंह, शीला लाकुड़कर, एस. वीना पटेल, विद्या वर्मा, ज्योति देवांगन, हृदानन्द साहू, जिया धमदे, वेद प्रकाश, कल्पना शर्मा।
-सहभागी विद्यालय
पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय दुर्ग, डीएवी इस्पात पब्लिक स्कूल सेक्टर-2 भिलाई, ज्योति हायर सेकेंडरी इंग्लिश मीडियम स्कूल, श्री शंकरा विद्यालय, कृष्णा पब्लिक स्कूल नेहरू नगर भिलाई, डीपीएस दुर्ग, ज्योति हायर सेकेंडरी इंग्लिश मीडियम स्कूल चरोदा, एमजीएम पब्लिक स्कूल शांति नगर, विश्वदीप सीनियर सेकेंडरी स्कूल दुर्ग, शासकीय तिलक कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दुर्ग, एन.ई.एम. हायर सेकेंडरी स्कूल कुरुद भिलाई, डीएवी पब्लिक स्कूल हुडको भिलाई, मैत्री विद्या निकेतन रिसाली, डीपीएस भिलाई, डीपीएस रिसाली सेक्टर भिलाई, श्री नारायण गुरु विद्या भवन, एमजीएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-6, श्री रावतपुरा इंटरनेशनल स्कूल कुम्हारी, कृष्णा पब्लिक स्कूल सुन्दर नगर भिलाई, दिल्ली पब्लिक स्कूल भिलाई, डीएवी पब्लिक स्कूल एसीसी जमुल भिलाई, माइल स्टोन अकैडमी, डीएवी पब्लिक स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल दुर्ग, डीएवी पीएस नंदिनी इत्यादि विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रमों में भाग लिया।
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