छत्तीसगढ़

किसानों की खुशहाली और समृद्धि हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

48715102026140336whatsappimage2026-10-15at7.24.14pm.jpeg

-नुआखाई हमारी कृषि संस्कृति, अन्नदाता के परिश्रम और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व : मुख्यमंत्री
-सुशासन के साथ विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना हमारी सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री श्री साय
-केलो परियोजना से क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पहुँचेगा पानी, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती को मिलेगी नई मजबूती
-मुख्यमंत्री ने कोलता समाज के नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह में की 80 लाख रुपए के सामुदायिक भवनों की घोषणा
-ग्राम कोतरलिया के चंडी डोंगरी में 30 लाख रुपए और नगर पंचायत पुसौर में 50 लाख रुपए की लागत से बनेगा सामुदायिक भवन
-मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान विद्यार्थियों को किया सम्मानित, कहा - शिक्षा और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ें युवा, प्रदेश और समाज का नाम करें रोशन
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि किसानों की खुशहाली और समृद्धि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था और संस्कृति के केंद्र में हमारे अन्नदाता हैं। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि सुशासन और जनसेवा के माध्यम से विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और छत्तीसगढ़ का प्रत्येक परिवार प्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी बने। मुख्यमंत्री श्री साय ने आज रायगढ़ के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी स्टेडियम में आयोजित कोलता समाज के नुआखाई भेंटघाट एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री साय का समाजजनों ने पारंपरिक गजमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने माँ रणेश्वरी रामचण्डी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर समाज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम कोतरलिया के चंडी डोंगरी में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 30 लाख रुपए तथा नगर पंचायत पुसौर में कोलता समाज के मंगल भवन के निर्माण के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की। उन्होंने बाउंड्रीवॉल निर्माण की भी घोषणा की।
-नुआखाई अन्नदाता के परिश्रम और नई फसल की खुशियों का पर्व
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोलता समाज सहित सभी प्रदेशवासियों को नुआखाई पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह नई फसल के स्वागत, अन्नदाता के परिश्रम के सम्मान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का उत्सव है। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान प्रदेश है और हमारी सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिले, खेती की लागत कम हो, सिंचाई की सुविधा बढ़े और कृषि के माध्यम से परिवारों में समृद्धि आए, इसी सोच के साथ सरकार लगातार काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायगढ़ अंचल के किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुँचाने के लिए केलो परियोजना का कार्य प्रारंभ किया गया है। यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान सिद्ध होगी। सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की नई परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। सरकार का प्रयास है कि अधोसंरचना के विकास का सीधा लाभ आम नागरिकों, किसानों, युवाओं और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिले।
-हर जरूरतमंद परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर के सपने को तेजी से साकार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि अपना पक्का घर केवल चार दीवारें और छत नहीं, बल्कि गरीब परिवार के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का आधार है। हमारी सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र जरूरतमंद परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे।
-सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा सरकार की कार्यसंस्कृति
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा को अपनी कार्यसंस्कृति का आधार बनाया है। आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े और शासन तक उसकी पहुँच आसान हो, इसके लिए तकनीक और आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित तथा समयबद्ध निराकरण के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और अटल डिजिटल सेवा केंद्र जैसी व्यवस्थाएँ प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के समयबद्ध समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप राज्य सरकार ने अपने ढाई वर्षों के कार्यकाल में अधिकांश वादों को पूरा किया है। शासन की योजनाएँ तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुँचे। इसलिए सरकार की प्राथमिकता योजनाओं और सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है।
-नक्सलवाद के विरुद्ध मिली ऐतिहासिक सफलता, अब विकास की नई यात्रा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प के साथ हमारे वीर सुरक्षा बलों के साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर में शांति और विश्वास का नया वातावरण बना है।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से जुड़े लोगों को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस आने का अवसर दिया जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए 15 हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं। हमारा उद्देश्य शांति की स्थापना के साथ प्रभावित परिवारों का पुनर्वास करना और उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने के अवसर प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नक्सलवाद की चुनौती से आगे बढ़ता छत्तीसगढ़ अब विकास, विश्वास और समृद्धि की नई पहचान बना रहा है। बस्तर सहित प्रदेश के हर क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति, परिवार और समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम है। आज का युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और आधुनिक शिक्षा के बल पर किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए परिश्रम करने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा अपनी प्रतिभा से परिवार और समाज के साथ छत्तीसगढ़ का नाम भी देश-दुनिया में रोशन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज द्वारा प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान करने की परंपरा सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं को बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है तथा समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है।
-कोलता समाज की संस्कृति और संस्कार अनुकरणीय : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी
वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओ.पी. चौधरी ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि पुसौर और सरिया से लेकर तमनार, लैलूंगा तथा धरमजयगढ़ तक कोलता समाज के लोग अपनी ईमानदारी, सज्जनता, परिश्रम और संस्कारों के लिए विशेष पहचान रखते हैं। समाज की गौरवशाली संस्कृति और परंपराएँ सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें हासिल करने के लिए मेहनत करनी चाहिए।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने रायगढ़ क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि साकरा में लिफ्ट सिंचाई परियोजना, पुसौर एवं सरिया में रजिस्ट्री कार्यालय, 100 बिस्तरों का अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज और नालंदा परिसर जैसी सुविधाएँ क्षेत्र के विकास को नई दिशा दे रही हैं। वित्त मंत्री ने बेलरिया में विधायक निधि से 25 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन बनवाने की घोषणा भी की।
-शिक्षा और संस्कार से आगे बढ़े समाज
लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि कोलता समाज सामाजिक उत्थान और सामुदायिक एकता के लिए सदैव समर्पित रहा है। उन्होंने समाज की सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत को सहेजते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति में शिक्षा की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अभिभावक अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार दें। उन्होंने बच्चों को माता-पिता और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
समारोह में समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों और समाजजनों के साथ नुआखाई का पारंपरिक भोजन भी ग्रहण किया। आयोजन के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, शिक्षा को प्रोत्साहन, सामाजिक एकजुटता और क्षेत्र के विकास का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार, अरुणधर दीवान, गुरुपाल भल्ला, सुभाष पाण्डेय, श्रीकांत सोमावार, सत्यानंद राठिया, विकास केडिया सहित समाज के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में कोलता समाज के लोग उपस्थित थे।

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

Advertisement

Popular Post

This Week
This Month
All Time

स्वामी

संपादक- पवन देवांगन 

पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल :  dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

हमारे बारे में

हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।

सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।

logo.webp

स्वामी / संपादक- पवन देवांगन

- बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)

ई - मेल : dakshinapath@gmail.com

मो.- 9425242182, 7746042182

NEWS LETTER
Social Media

Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.