-श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल ने पालकी में बिठाकर किया भव्य अभिनंदन, धर्मसभा में गूंजे जयकारे
दुर्ग। जय आनंद मधुकर रतन भवन, बांधा तालाब दुर्ग में इन दिनों तप, त्याग और धर्म आराधना का अनुपम वातावरण बना हुआ है। चार तपस्वी मासक्षमण जैसी महान तपस्या की ओर अग्रसर हैं। इनमें शशांक कर्नावट, पूनम जैन एवं अमन सुराणा सहित अन्य तपस्वी निरंतर तप आराधना में लीन हैं। इसी क्रम में श्रीमती किरण देवी संचेती ने धर्मसभा में 65 उपवास का संकल्प लेकर अपनी दृढ़ साधना और आत्मबल का परिचय दिया। मानव मिलन संस्थापक नेपाल केसरी राष्ट्र संत मणिभद्र मुनि जी महाराज के प्रेरणा आशीर्वाद एवं सानिध्य में श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल के सक्रिय सदस्य अमन सुराणा ने आज 30 उपवास की कठिन तपस्या पूर्ण की। उनकी इस तपस्या के पूर्ण होने पर श्रमण संघ परिवार की ओर से धर्मसभा में अनुमोदना एवं अभिनंदन किया गया। तपस्वी अमन सुराणा के तप के प्रति श्रद्धा और उत्साह का वातावरण देखते ही बन रहा था।
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इस अवसर पर श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल के सदस्यों ने अपने लाडले सदस्य अमन सुराणा एवं शशांक कर्नावट को पालकी में विराजमान कर बांधा तालाब से जय आनंद मधुकर रतन भवन तक भव्य स्वागत यात्रा निकाली। तपस्वियों की जय-जयकार और धार्मिक उद्घोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। युवा संघ के सदस्यों में भी इस अवसर पर विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिला।
तपस्या की अनुमोदना करते हुए युवा संघ अध्यक्ष पदम छाजेड़ ने 15 उपवास तथा श्रीमती सुषमा सुराणा ने 16 उपवास का संकल्प लिया। दोनों ने अपने संकल्पों के माध्यम से मासक्षमण तपस्वी अमन सुराणा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनकी तपस्या की अनुमोदना की।
धर्मसभा में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने तपस्वियों के संयम, आत्मबल और तप साधना की सराहना करते हुए उनके उत्तरोत्तर आध्यात्मिक उत्कर्ष की मंगलकामना की। तपस्वियों की साधना ने पूरे श्रमण संघ परिवार में धर्म, त्याग और आत्मसंयम की प्रेरणा का संचार किया। कार्यक्रम में पधारे सभी गुरु भक्तों के गौतम प्रसादी की व्यवस्था संदीप कुमार रोहित कुमार सुराणा परिवार की ओर से रखी गई थी।
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