-दुर्ग, धमधा और पाटन की ग्राम पंचायतों में हुआ आयोजन; लंबित मामलों के निराकरण और विकास कार्यों में तेजी पर जोर

दुर्ग। जिले में 7 सितंबर को चावल महोत्सव के साथ रोजगार दिवस एवं आवास दिवस का आयोजन किया गया। कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ रोजगार, आवास, आजीविका और जल संरक्षण से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई।
जिले में अभियान के तहत जनपद पंचायत दुर्ग की ग्राम पंचायत अंजोरा, घनोरा और पुराई, जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत मोहलाई, दनिया और अचानकपुरी तथा जनपद पंचायत पाटन की ग्राम पंचायत छाटा, फुण्डा, बटेना, पहडोर और निपानी में विशेष आयोजन किए गए। इन पंचायतों में ग्रामीणों के साथ योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
ग्राम पंचायतों में स्वीकृत आवासों को जल्द पूरा कराने के लिए कार्ययोजना बनाने, हितग्राहियों को नियमानुसार राशि का त्वरित हस्तांतरण करने और भुगतान की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। लंबित जियो-टैगिंग कार्यों को भी पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि रोजगार दिवस के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं की प्रगति और ग्रामीणों की समस्याओं को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। स्वीकृत विकास कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन, गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्राथमिकता है।
-बेटियों के लिए शौचालय, समूहों की आजीविका पर भी चर्चा
‘मेरी बेटी, मेरा अभिमान’ अभियान के तहत शासकीय विद्यालयों में बालिका शौचालय निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों की मांग और ग्राम सभा के प्रस्ताव के अनुसार कार्ययोजना पर चर्चा की गई। स्व-सहायता समूहों की दीदियों को सामग्री आपूर्ति और आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
-डबरी-नवा तरिया से बढ़ेगी ग्रामीणों की आय
निर्मित आजीविका डबरी एवं नवा तरिया से जुड़े हितग्राहियों की आजीविका बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। रेन वाटर हार्वेस्टिंग में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया।
‘धार अपार अभियान’ के तहत नदियों एवं जलस्रोतों का चिन्हांकन कर उनके पुनर्जीवन की ग्राम स्तर पर कार्ययोजना बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ। अब हर स्वीकृत काम को धरातल पर उतारने की तैयारी की गई।
विकसित भारत जी-राम-जी योजना के स्वीकृत कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता, पारदर्शिता और निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आगामी चरण में ग्राम पंचायतवार लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा, अधूरे आवासों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने, जियो-टैगिंग एवं भुगतान संबंधी मामलों का समयबद्ध निराकरण तथा जल संरक्षण संरचनाओं को आजीविका से जोड़ने पर फोकस रहेगा।
नदियों और जलस्रोतों के चिन्हांकन के बाद उनके पुनर्जीवन के लिए ग्राम स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। साथ ही स्व-सहायता समूहों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों से जोड़ने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग में जनभागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी आगे काम किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और स्वीकृत प्रत्येक विकास कार्य समय पर धरातल पर दिखाई दे।
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