होम / बड़ी ख़बरें / रिमझिम सावन मेले का भव्य शुभारंभ, कौशल्या देवी साय व डॉ. सरोज पाण्डेय ने लिया सावन झूले का आनंद
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महापौर अलका बाघमार सहित निगम की व्यवस्थाओं की सराहना, महिलाओं ने खेलों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
दुर्ग। नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा आयोजित दो दिवसीय रिमझिम सावन मेला-2026 का शुभारंभ शुक्रवार को विवेकानंद सभागार में भव्य एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, विशिष्ट अतिथि पूर्व भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सरोज पाण्डेय तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर निगम की एमआईसी सदस्यों एवं पार्षदगणों ने श्रीमती कौशल्या देवी साय एवं डॉ. सरोज पाण्डेय का गरिमामय स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती कौशल्या देवी साय, डॉ. सरोज पाण्डेय एवं महापौर अलका बाघमार ने सावन झूले का आनंद लिया। मेले में महिलाओं के लिए विभिन्न मनोरंजक खेल, प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा विभिन्न स्टॉल लगाए गए हैं, जिनका शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक आनंद लिया।

सावन मेला संस्कृति और परंपरा का जीवंत उत्सव : कौशल्या देवी साय
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की कला, संस्कृति एवं परंपराओं को सहेजने तथा उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सावन उत्सव हमारी संस्कृति और सभ्यता की खूबसूरत पहचान है। दुर्ग का रिमझिम सावन मेला हर वर्ष नई उम्मीद और नई ऊर्जा लेकर आता है तथा मनोरंजन, संस्कृति और सामाजिक एकता का सुंदर संगम बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इस मेले ने दुर्ग शहर की सांस्कृतिक पहचान को नया आयाम दिया है। नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी इसकी सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने महापौर अलका बाघमार सहित नगर निगम की पूरी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए, ताकि हमारी लोक संस्कृति और परंपराएं सदैव जीवंत रहें।

दुर्ग की आत्मा और लोकसंस्कृति का जीवंत प्रमाण है सावन मेला : डॉ. सरोज पाण्डेय
डॉ. सरोज पाण्डेय ने कहा कि सावन मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि दुर्ग की आत्मा, संस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रमाण है। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं। सावन मास में आयोजित यह कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों को जोड़ने के साथ लोक संस्कृति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने आयोजन की निरंतरता के लिए शुभकामनाएं दीं।

शहर की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है सावन मेला : महापौर
महापौर श्रीमती अलका बाघमार ने कहा कि रिमझिम सावन मेला की सफलता में शहरवासियों, निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और सभी स्टॉल संचालकों का महत्वपूर्ण योगदान है। यह मेला अब केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि दुर्ग शहर की सांस्कृतिक पहचान और धरोहर बन चुका है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष इसे और अधिक व्यापक एवं भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा।
महिलाओं ने खेलों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिखाई प्रतिभा
रिमझिम सावन मेले में महिलाओं ने तीज क्वीन, दौड़, कुर्सी दौड़ सहित विभिन्न मनोरंजक खेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोकगीत एवं लोकनृत्य की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और पूरा सभागार सावन के उल्लास से गूंज उठा।
मेले के दूसरे दिन 22 अगस्त को महिलाओं के लिए बिंदी लगाओ प्रतियोगिता, मटका फोड़, मेहंदी लगाओ प्रतियोगिता, हौजी एवं चम्मच दौड़ सहित अनेक मनोरंजक खेल आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिताओं में भाग लेने की इच्छुक महिलाएं सुबह 9 बजे अपना पंजीयन करा सकेंगी।

22 अगस्त को होगा भव्य समापन
रिमझिम सावन मेला-2026 का भव्य समापन समारोह 22 अगस्त को होगा। समापन समारोह के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री स्कूल शिक्षा, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव होंगे। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चन्द्राकर तथा समाजसेविका श्रीमती रजनी बघेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
दो दिवसीय रिमझिम सावन मेले का आयोजन नगर निगम के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की प्रभारी हर्षिका संभव जैन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभारी शशि साहू के नेतृत्व में किया जा रहा है।
इस अवसर पर निगम आयुक्त मोहेंद्र साहू, सभापति श्याम शर्मा, नेता प्रतिपक्ष संजय कोहले, पूर्व विधायक अरुण वोरा, एमआईसी सदस्यगण, पार्षदगण, एल्डरमेन तथा नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक अभियंता गिरीश दीवान एवं जल कार्य निरीक्षक नारायण ठाकुर ने किया।
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