-ब्रह्माकुमारीज आनंद सरोवर बघेरा में नशामुक्त भारत का लिया संकल्प

दुर्ग। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, आनंद सरोवर बघेरा में दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति में 10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के अंतर्गत नशामुक्त भारत अभियान का शुभारंभ छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने दीप प्रज्वलन कर किया। यह अभियान 6 से 20 अगस्त 2026 तक चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम में संभाग आयुक्त सत्य नारायण राठौर, एसपी एसटीएफ जयंत वैष्णव, एडिशनल एसपी कौशलेन्द्र देव पटेल, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शिवेंद्र परिहार, ब्रह्माकुमारीज दुर्ग की संचालिका बीके रीटा दीदी एवं बीके रूपाली दीदी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों का शाल-श्रीफल से सम्मान किया गया तथा कुमारियों ने नशामुक्ति संदेश पर स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि गजेंद्र यादव ने कहा कि नशामुक्त भारत के निर्माण में परिवार की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। माता-पिता बच्चों के साथ नियमित संवाद करें और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बचें। उन्होंने परिवार को मजबूत बनाने तथा युवाओं को नशे से बचाने का आह्वान किया।
बीके रूपाली दीदी ने कहा कि नशा केवल शराब, सिगरेट और तंबाकू तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल एवं इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग भी व्यसन का रूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि सच्ची स्वतंत्रता अपनी आंतरिक बुराइयों और व्यसनों से मुक्त होने में है। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन को मन को शांत और सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बताया तथा उपस्थित लोगों को राजयोग की अनुभूति कराई।

संभाग आयुक्त सत्य नारायण राठौर ने "बड़े भाग मानुष तन पावा" का उल्लेख करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है, इसे नशे में बर्बाद करना दुर्भाग्यपूर्ण है। एसपी एसटीएफ जयंत वैष्णव ने कहा कि नशामुक्ति के लिए मन का शांत और सशक्त होना आवश्यक है तथा राजयोग मेडिटेशन इसमें सहायक है।
शिवेंद्र परिहार ने कहा कि नशे का दुष्प्रभाव केवल व्यक्ति पर नहीं, बल्कि परिवार और आने वाली पीढ़ी पर भी पड़ता है। उन्होंने नशाग्रस्त व्यक्ति से घृणा नहीं, बल्कि प्रेम और सहयोग से उसे नशामुक्त कराने का आह्वान किया।
नशामुक्त जीवन का प्रेरक अनुभव साझा करते हुए राजूलाल देवांगन ने बताया कि वे लंबे समय तक विभिन्न नशों के आदी रहे, लेकिन ब्रह्माकुमारीज के आध्यात्मिक ज्ञान, राजयोग और दृढ़ संकल्प से उन्होंने नशे को पूरी तरह त्याग दिया।
कार्यक्रम की संचालिका बीके रीटा दीदी ने कहा कि परमात्मा की याद और राजयोग का नशा ही श्रेष्ठ नशा है, जो मनुष्य को शांति, शक्ति और आनंद प्रदान करता है। उन्होंने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को भी डिजिटल व्यसन बताते हुए इसके सीमित उपयोग का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने स्वयं नशामुक्त रहने तथा कम से कम एक व्यक्ति को नशे से मुक्त कराने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया और नशामुक्त, स्वस्थ एवं संस्कारवान भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। मंच संचालन दाऊ भाई ने किया।
संपादक- पवन देवांगन
पता - बी- 8 प्रेस कॉम्लेक्स इन्दिरा मार्केट
दुर्ग ( छत्तीसगढ़)
ई - मेल : dakshinapath@gmail.com
मो.- 9425242182, 7746042182
हिंदी प्रिंट मीडिया के साथ शुरू हुआ दक्षिणापथ समाचार पत्र का सफर आप सुधि पाठकों की मांग पर वेब पोर्टल तक पहुंच गया है। प्रेम व भरोसे का यह सफर इसी तरह नया मुकाम गढ़ता रहे, इसी उम्मीद में दक्षिणापथ सदा आपके संग है।
सम्पूर्ण न्यायिक प्रकरणों के लिये न्यायालयीन क्षेत्र दुर्ग होगा।
Copyright 2024-25 Dakshinapath - All Rights Reserved
Powered By Global Infotech.